हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
भारत मंडपम में दावा, तुरंत खुली पोल
ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक रोबोट डॉग को अपना उत्पाद बताकर प्रदर्शित किया। 16 से 20 फरवरी तक चले इस अंतरराष्ट्रीय समिट में 13 देशों ने भाग लिया। लेकिन जल्द ही पता चला कि यह रोबोट चीन की कंपनी Unitree Robotics का उत्पाद है। दावा झूठा साबित होने पर यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया गया।
प्रोफेसर के बयान से बढ़ा विवाद
यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने पहले इस रोबोट डॉग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित बताया। सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने कहा कि रोबोट छात्रों के इनोवेशन प्रशिक्षण के लिए मंगाया गया था। हालांकि पहले किए गए दावों के स्क्रीनशॉट वायरल होने से स्थिति और गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि यह यूनिट्री का लोकप्रिय Go2 मॉडल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि AI समिट एक “डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल” बनकर रह गया है। यूथ कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
विश्वविद्यालय की साख पर असर
गलगोटिया यूनिवर्सिटी खुद को तकनीकी शिक्षा का अग्रणी संस्थान बताती रही है। लेकिन इस घटना ने उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बौद्धिक संपदा और नवाचार के क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही भारत की वैश्विक AI छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।













