हिन्दुस्तान मिरर | 4 जुलाई 2025,अलीगढ़
मडराक (अलीगढ़) – मडराक क्षेत्र के गांव भकरौला में रहस्यमयी कीड़े का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को इस कीड़े ने छह माह की मासूम बच्ची हर्षिता को भी अपना शिकार बना लिया, जिससे गांव में दहशत का माहौल और गहरा गया। बच्ची को इलाज के लिए तुरंत चिकित्सा दल बुलाया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर उपचार किया।
इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराज़गी और भय स्पष्ट दिखाई दिया। गांव की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए एसडीएम कोल महिमा राजपूत ने स्वयं गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से बात कर हालात का जायज़ा लिया।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि 10 जून से अब तक लगभग 27 लोगों को कीड़ा काट चुका है, जिनमें कई लोगों की हालत गंभीर हुई है और एक महिला की मौत हो चुकी है। एक व्यक्ति को आईसीयू तक में भर्ती कराना पड़ा। कीड़े के काटते ही जलन, दर्द और बेहोशी जैसे लक्षण सामने आते हैं।
एसडीएम महिमा राजपूत ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि,
“गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से कैंप करेगी, और कीड़ों के नाश के लिए एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा। प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।”
उन्होंने यह भी अपील की कि ग्रामीण स्वयं भी सतर्कता बरतें, साफ-सफाई बनाए रखें और संदिग्ध कीड़ों से बचाव के उपाय करें।
गौरतलब है कि गांव निवासी अमित की छह माह की बेटी हर्षिता को गुरुवार को कीड़े ने काट लिया। यह घटना दर्शाती है कि कीड़ा अब मासूम बच्चों तक को नहीं बख्श रहा है, जिससे माता-पिता में विशेष चिंता का माहौल है।
गांव में कीड़े से संबंधित यह रहस्यमयी घटनाएं अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द इस कीड़े की पहचान कर उसका स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि लोग राहत की सांस ले सकें।
निष्कर्षतः, प्रशासन ने भले ही भरोसा दिलाया हो, लेकिन भकरौला गांव में कीड़े का आतंक अब जन-स्वास्थ्य का गंभीर संकट बन चुका है, जिसे लेकर जल्द ही ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।