नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को मतदाता सूची के अद्यतन कार्य की तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 से SIR की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की जा सकती है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से SIR के अंतर्गत बूथ स्तर पर सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और विवरणों में संशोधन का कार्य किया जाएगा। आयोग ने राज्यों से कहा है कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आईटी सिस्टम की तैयारी समय रहते सुनिश्चित कर ली जाए।
सूत्रों के अनुसार, कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण पर ध्यान देने को कहा गया है, जहां पलायन और निवास परिवर्तन की दर अधिक रहती है। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिकतम पारदर्शिता बनी रहे।
अधिकारियों का मानना है कि SIR अभियान से मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन होगी, जिससे आगामी चुनावों में निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बल मिलेगा। आयोग ने सभी राज्यों से समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जाएगी।













