फिरोजाबाद | सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने इटावा की हालिया घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा कि यह मामला जाति का नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं की टकराहट का है। सोमवार को सैलई स्थित नारायणी सेवा सदन में सपा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सांसद ने कहा कि “भागवत कथा पर किसी एक समुदाय या वर्ग का एकाधिकार नहीं है। यह सोचना ही गलतफहमी है।”
“सपा धर्म-जाति नहीं, उसूलों की राजनीति करती है”
रामजी लाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यदि कोई एससी, यादव या पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर प्रवचन करता है तो उसमें गलत क्या है? भाजपा इसी धर्म और जाति की राजनीति कर देश और प्रदेश का माहौल खराब कर रही है। वहीं, सपा उसूलों की राजनीति करती है और पूरे देश में भाजपा को हराने में हमारी पार्टी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
पीड़ित पक्ष के साथ सपा
इटावा में कथावाचक के साथ हुई घटना पर उन्होंने कहा कि सपा पूरी तरह पीड़ित पक्ष के साथ है और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। आजम खान पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने दोहराया कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनके बेटे ने भी यही बात कही है।
जलेसर चलने का आह्वान
सांसद सुमन ने 9 जुलाई को एटा के जलेसर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वहां हाल ही में अराजकतत्वों द्वारा बौद्ध धर्म की मूर्तियां क्षतिग्रस्त की गईं, जिसके विरोध में सभा का आयोजन किया जाएगा।
बिहार चुनाव को लेकर सस्पेंस
जब बिहार विधानसभा चुनाव में सपा की भूमिका पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा।
इस मौके पर मौजूद रहे कई वरिष्ठ नेता
कार्यक्रम के दौरान सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव, पूर्व विधायक रमेश चंद्र चंचल, पूर्व एमएलसी डॉ. दिलीप यादव, अजीम भाई, खालिद नसीर, रघुराज सबिता, मीना राजपूत, सतेंद्र जैन सौली, डॉ. रोमा यादव, इंद्रवती, मुकेश कुमार सहित कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।