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अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में धारा 163 लागू, 02 जून तक सख्ती

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

पर्व, त्योहार और परीक्षाओं के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट, बिना अनुमति कार्यक्रमों पर रोक

अलीगढ़, 02 अप्रैल 2026। जिले में आगामी पर्व-त्योहारों और विभिन्न बोर्ड एवं विश्वविद्यालय परीक्षाओं को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) पंकज कुमार ने जानकारी दी कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(4) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जो 02 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।

त्योहारों और परीक्षाओं के चलते एहतियात

प्रशासन के अनुसार 03 अप्रैल को गुड फ्राइडे, 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती, 01 मई को बुद्ध पूर्णिमा और 27 मई को ईद-उल-जुहा (बकरीद) जैसे महत्वपूर्ण पर्व आने वाले हैं। इसके साथ ही विभिन्न बोर्ड और विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी समय-समय पर आयोजित हो रही हैं। इन अवसरों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या साम्प्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

असामाजिक तत्वों पर नजर

स्थानीय अभिसूचना इकाइयों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए अग्रिम कार्रवाई की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

बिना अनुमति नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन

धारा 163(4) लागू होने के दौरान कोई भी व्यक्ति या संगठन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, शोभायात्रा या जनसभा आयोजित नहीं कर सकेगा। न ही कोई व्यक्ति ऐसे आयोजनों में भाग लेगा या दूसरों को इसके लिए प्रेरित करेगा।

धार्मिक भावनाएं भड़काने पर रोक

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को भड़काने वाले बयान नहीं देगा। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च या अन्य धार्मिक स्थलों का उपयोग भड़काऊ भाषणों के लिए करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

पांच से अधिक लोगों के जुटने पर पाबंदी

किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह बिना वैध कारण के एकत्रित नहीं हो सकेगा। हालांकि यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।

अफवाह फैलाने और भड़काऊ सामग्री पर सख्ती

अफवाह फैलाने, झूठी खबरें प्रकाशित करने या ऐसे पोस्टर, बैनर, हैंडबिल और दीवार लेखन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है, जिससे समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका हो। सोशल मीडिया के माध्यम से भी भ्रामक सूचना फैलाने पर कार्रवाई की जाएगी।

हथियार और विस्फोटक सामग्री पर प्रतिबंध

कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटक सामग्री नहीं ले जा सकेगा। इसमें चाकू, तलवार, बंदूक, पिस्टल और तेजाब जैसी वस्तुएं शामिल हैं। हालांकि अपवाद स्वरूप दिव्यांग व्यक्तियों की छड़ी और सिख धर्मावलंबियों की कृपाण को अनुमति दी गई है।

परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि नियंत्रण

परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर दायरे में बिना अनुमति लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। यह नियम केवल परंपरागत धार्मिक आयोजनों पर लागू नहीं होगा।

छतों पर पत्थर और खतरनाक वस्तुएं रखने पर रोक

प्रशासन ने घरों और दुकानों की छतों पर ईंट, पत्थर, कांच की बोतलें या अन्य फेंकने योग्य वस्तुएं जमा करने पर भी रोक लगाई है, ताकि किसी भी हिंसक स्थिति को रोका जा सके।

आतिशबाजी और पटाखों पर नियंत्रण

बिना अनुमति आतिशबाजी, विस्फोटक पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार की तेज आवाज वाली आतिशबाजी सार्वजनिक स्थलों पर नहीं की जा सकेगी।

किरायेदार सत्यापन और नशे पर सख्ती

प्रशासन ने मकान मालिकों को निर्देश दिया है कि वे किरायेदार रखने से पहले पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर उत्पात मचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

एडीएम ने स्पष्ट किया कि यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 233 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा और इसका पालन सभी नागरिकों को करना होगा।


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