हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली।
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शेड्यूल पर अब संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं। टूर्नामेंट शुरू होने में महज कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, टिकटों की बिक्री भी जारी है, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के एक बड़े फैसले ने आईसीसी की चिंता बढ़ा दी है।
टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच नई चुनौती
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है। सभी 20 टीमें तय हो चुकी हैं और मुकाबलों का पूरा कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। भारत और श्रीलंका में आयोजन को लेकर लगभग सारी तैयारियां पूरी मानी जा रही थीं, लेकिन भारत-बांग्लादेश के बिगड़ते संबंधों ने अब नई चुनौती खड़ी कर दी है।
भारत-बांग्लादेश तनाव का असर क्रिकेट पर
दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सामाजिक तनाव का असर अब खेल संबंधों पर भी साफ दिखने लगा है। हाल ही में आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
बांग्लादेशी टीम भारत नहीं आएगी
रविवार, 4 जनवरी को BCB ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात में वह अपनी टीम को भारत नहीं भेजेगा। बोर्ड के मुताबिक, यह फैसला बांग्लादेशी सरकार की सलाह और आपातकालीन बैठक में सभी 17 निदेशकों की सहमति से लिया गया है। BCB ने साफ कहा कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
ICC से वेन्यू बदलने की मांग
BCB ने औपचारिक रूप से आईसीसी से अनुरोध किया है कि टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के सभी मुकाबले भारत के बाहर कराए जाएं। बांग्लादेश को ग्रुप C में रखा गया है, जहां उसके चार मैच हैं—तीन कोलकाता के ईडन गार्डन्स और एक मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में प्रस्तावित हैं।
क्या बदलेगा शेड्यूल?
अब निगाहें आईसीसी चेयरमैन जय शाह पर टिकी हैं। अगर आईसीसी बांग्लादेश की मांग मानती है तो टूर्नामेंट के शेड्यूल और वेन्यू में बदलाव तय माना जा रहा है। इसका असर न सिर्फ तैयारियों और टिकट बिक्री पर पड़ेगा, बल्कि भविष्य में भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय क्रिकेट पर भी असर दिख सकता है।













