हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
गौतम बुद्ध नगर में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने BLO और अन्य तैनात कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 4 नवंबर से शुरू हुआ यह अभियान 4 दिसंबर तक पूरा होना है, लेकिन सीमित संसाधनों के बीच कर्मचारियों को भारी दबाव झेलना पड़ रहा है। BLO का कहना है कि विभाग से मिली स्टेशनरी खत्म हो चुकी है और अब कागज़, फार्म, फोटोकॉपी आदि का खर्च उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है। यही नहीं, क्षेत्र में घूमने के लिए उन्हें अपनी निजी वाहन का उपयोग करना पड़ रहा है।
टीवी9 से बातचीत में कुछ BLO ने बताया कि दिनभर उन्हें 50–60 फॉर्म भरने का लक्ष्य दिया जाता है, जबकि कई बार लोग अपने घर पर नहीं मिलते, जिससे काम और कठिन हो जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग जगह ड्यूटी होने के कारण समय और ऊर्जा की भारी खपत होती है। कई BLO ने कहा कि उन्हें किसी अतिरिक्त मानदेय की भी जानकारी नहीं दी गई है।
इसी काम में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, नगर पालिका, निगम कर्मी, लेखपाल और RWA पदाधिकारी भी शामिल किए गए हैं। एक महिला शिक्षिका ने बताया कि स्कूल में स्टाफ कम होने से बच्चों को संभालना मुश्किल हो गया है। घर पर भी छोटे बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी परिवार पर छोड़नी पड़ती है। वहीं एक लेखपाल ने बताया कि उन्हें अपने पैसों से लाउडस्पीकर खरीदकर लोगों को जागरूक करना पड़ रहा है, ताकि निरीक्षण अभियान समय पर पूरा हो सके।
कर्मचारियों के अनुसार, लगातार समीक्षा बैठकों में अधिकारियों द्वारा प्रगति रिपोर्ट मांगी जाती है और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी जाती है। एक लेखपाल ने बताया कि वह सुबह 8 बजे घर से निकलते हैं और रात 1–2 बजे लौटते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
भारी दबाव, सीमित संसाधनों और निजी खर्चों के बीच BLO और अन्य कर्मी हर हाल में अभियान को समय पर पूरा करने में जुटे हुए हैं।

















