हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
आम बजट 2026 से पहले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर, 3000 रुपये का टिकट 1500–1800 रुपये में मिलने की संभावना
आम बजट 2026 से पहले देश के करोड़ों रेल यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे सीनियर सिटीजंस को ट्रेन टिकट पर मिलने वाली पुरानी छूट को फिर से बहाल करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अगर बजट में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बुजुर्ग यात्रियों का रेल सफर एक बार फिर काफी सस्ता हो जाएगा।
क्या फिर से शुरू होगी सीनियर सिटीजन छूट?
कोरोना महामारी से पहले भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट किराए में विशेष रियायत देता था। मार्च 2020 में कोविड-19 के चलते यह सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी। अब जबकि रेल सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो चुकी हैं और रेलवे की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है, ऐसे में इस छूट को दोबारा लागू करने की मांग तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय के बीच इस मुद्दे पर बातचीत भी हो चुकी है।
3000 रुपये का टिकट 1500 में कैसे?
कोरोना से पहले के नियमों के अनुसार, 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों को सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी। यानी अगर किसी महिला का टिकट 3000 रुपये का है, तो उसे सिर्फ 1500 रुपये चुकाने होते थे।
वहीं, 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों को 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी। इस हिसाब से 3000 रुपये के टिकट पर 1200 रुपये की राहत मिलती और किराया 1800 रुपये रह जाता।
किन यात्रियों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
अगर यह व्यवस्था फिर से लागू होती है, तो स्लीपर से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक सभी श्रेणियों में बुजुर्ग यात्रियों को लाभ मिल सकता है। इससे तीर्थ यात्राओं, इलाज के लिए यात्रा या अपनों से मिलने जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों की जेब पर बोझ काफी कम होगा।
बिना झंझट मिलेगा लाभ
इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरल प्रक्रिया थी। टिकट बुक करते समय यात्री को सिर्फ अपनी सही उम्र बतानी होती थी। चाहे आईआरसीटीसी वेबसाइट हो या रेलवे काउंटर, उम्र सत्यापित होते ही छूट अपने आप लागू हो जाती थी। अगर सरकार इसे पुराने स्वरूप में बहाल करती है, तो फिर से यही आसान व्यवस्था देखने को मिल सकती है।
अब सभी की नजरें आम बजट 2026 पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला हो सकता है।













