हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
धांधली और अवैध वसूली के आरोपों के बाद परीक्षा निरस्त
उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर सामने आई गंभीर गड़बड़ियों के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अप्रैल 2025 में आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया है। यह फैसला परीक्षा में धांधली, अनियमितता और अवैध वसूली की पुष्टि होने के बाद लिया गया। सरकार ने साफ किया है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अब यह परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।
910 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
राज्य में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 910 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद ही कई अभ्यर्थियों और संगठनों ने पेपर लीक, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और पैसे लेकर लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। लगातार शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने मामले को हल्के में न लेते हुए जांच के आदेश दिए।
SIT जांच में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। SIT की जांच में परीक्षा प्रक्रिया के दौरान धांधली और अवैध वसूली की पुष्टि हुई। जांच के आधार पर अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि ये आरोपी अभ्यर्थियों से चयन दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे थे और परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ कर रहे थे।
योगी सरकार का सख्त रुख
योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परीक्षा को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है ताकि ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके। सरकार ने यह भी कहा है कि नई परीक्षा की तिथि जल्द घोषित की जाएगी और इस बार पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
अभ्यर्थियों में राहत और नाराजगी दोनों
परीक्षा रद्द होने से एक ओर जहां ईमानदार अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं दोबारा परीक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि नई परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और सख्त निगरानी में कराई जाएगी।















