नई दिल्ली,हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: ।
बजट सत्र 2026 के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के समय हुए हंगामे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के व्यवहार से पूरा देश शर्मिंदा है और देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
राष्ट्रपति के अभिभाषण का अपमान बताया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान जिन विषयों का उल्लेख हुआ, वे राष्ट्र के गौरव से जुड़े थे। वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 150वीं जयंती और सरदार पटेल की 150वीं वर्षगांठ जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी विपक्ष ने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि हम अपना अपमान सह सकते हैं, लेकिन राष्ट्रपुरुषों और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
विपक्ष को देश कभी माफ नहीं करेगा: रिजिजू
रिजिजू ने दो टूक कहा कि अन्य राजनीतिक मुद्दों पर देश विपक्ष को माफ कर सकता है, लेकिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राष्ट्र की विरासत और महान विभूतियों के सम्मान में बाधा डालने के लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संसद के जिम्मेदार सदस्यों को ऐसा व्यवहार शोभा देता है?
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
आरजेडी नेता मनोज झा ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर देश की असली चुनौतियां राष्ट्रपति के भाषण में शामिल नहीं हैं तो सरकार नगर पालिका से आगे सोचने में असमर्थ है। वहीं, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को खोखला बताते हुए कहा कि इसमें पुराने वादों की ही पुनरावृत्ति की गई है, जबकि जमीनी सच्चाई अलग है।
सरकार का पक्ष
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार के कार्य, गरीब कल्याण योजनाएं, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूती से प्रस्तुत किया गया है।













