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UPSC को मिला नया अध्यक्ष: पूर्व रक्षा सचिव अजय कुमार की नियुक्ति, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 14 मई : 2025,

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को आखिरकार उसका नया अध्यक्ष मिल गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के पूर्व रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार की नियुक्ति को UPSC अध्यक्ष के रूप में मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि डॉ. अजय कुमार अब यूपीएससी के नए अध्यक्ष होंगे।

अजय कुमार रहेंगे 1 अक्टूबर 2027 तक UPSC अध्यक्ष

कुमार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब UPSC चेयरमैन का पद कुछ समय से रिक्त पड़ा था। आदेश के अनुसार, डॉ. अजय कुमार अब 1 अक्टूबर 2027 तक UPSC के अध्यक्ष पद पर कार्यरत रहेंगे।

अजय कुमार का प्रशासनिक अनुभव

डॉ. अजय कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1985 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1962 को हुआ था। उन्होंने भारत सरकार के रक्षा सचिव के रूप में 23 अगस्त 2019 से 31 अक्टूबर 2022 तक सेवा दी और उसी पद से सेवानिवृत्त हुए।

उनकी गिनती देश के उन वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में होती है जिन्होंने रक्षा, प्रशासन और नीति निर्माण के क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाई है।

शिक्षा और सम्मान

डॉ. अजय कुमार एक मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. किया है। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भी गए। उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक और प्रशासनिक योगदान के लिए उन्हें IIT कानपुर का विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार (Distinguished Alumnus Award) भी मिल चुका है। इसके अलावा, एमिटी विश्वविद्यालय ने उन्हें दर्शनशास्त्र में मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) से सम्मानित किया है।

UPSC की भूमिका और मौजूदा स्थिति

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) देश में IAS, IFS, IPS जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए परीक्षा आयोजित करता है। आयोग में अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में 2 पद रिक्त हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद पर डॉ. अजय कुमार की नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

डॉ. अजय कुमार जैसे अनुभवी अधिकारी का UPSC जैसे संवैधानिक संस्थान में अध्यक्ष पद पर आसीन होना, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि देश के भविष्य के सिविल सेवकों के चयन की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।

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