Budget 2026 Expectations | ओल्ड टैक्स सिस्टम पर टिकी निगाहें
नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
हर साल बजट से पहले टैक्स देने वालों की उम्मीदें फिर जाग जाती हैं। खासतौर पर वे लोग जो अभी भी ओल्ड टैक्स सिस्टम में बने हुए हैं, उनके लिए बजट 2026 बेहद अहम माना जा रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, घर खरीदना मुश्किल हो गया है, इलाज और बीमा का खर्च कई गुना हो चुका है, लेकिन टैक्स बचाने की सीमाएं वर्षों से जस की तस बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल उठता है—क्या सरकार इस बार Section 80C की लिमिट बढ़ाएगी?
ओल्ड टैक्स सिस्टम में क्यों है ज्यादा उम्मीद
ओल्ड टैक्स सिस्टम को लोगों में बचत की आदत डालने के मकसद से बनाया गया था। इसमें पीएफ, लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन जैसे विकल्पों पर टैक्स छूट मिलती है। हालांकि नई टैक्स व्यवस्था आने के बाद सरकार का फोकस सरल टैक्स स्लैब पर रहा है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग पुराने सिस्टम को ही बेहतर मानते हैं।
इन टैक्सपेयर्स की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि 80C, 80D और होम लोन ब्याज पर मिलने वाली छूट की सीमाएं पिछले करीब 10 साल से नहीं बदली गई हैं।
80C की लिमिट 10 साल से क्यों जमी हुई है?
Section 80C के तहत पीएफ, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, बच्चों की स्कूल फीस और होम लोन के प्रिंसिपल पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। यह सीमा साल 2014 के बाद से कभी नहीं बढ़ाई गई।
आज की महंगाई को देखते हुए यह रकम मिडिल क्लास परिवारों के लिए बेहद कम साबित हो रही है।
बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार बजट 2026 में 80C की लिमिट को 3 लाख रुपये तक बढ़ा सकती है या फिर इसे महंगाई दर से जोड़ सकती है। ऐसा होने पर न सिर्फ टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी, बल्कि बचत और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही होम लोन ब्याज पर छूट बढ़ने से रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिल सकती है।
अब सबकी नजरें बजट 2026 पर टिकी हैं। अगर सरकार टैक्स स्लैब और छूट की सीमाओं में बदलाव करती है, तो यह मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।













