नई दिल्ली | 4 फरवरी, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
आज पूरी दुनिया विश्व कैंसर दिवस मना रही है। हर साल 4 फरवरी को मनाया जाने वाला यह दिन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान और प्रभावी रोकथाम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समर्पित है। इस वैश्विक स्वास्थ्य पहल का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (UICC) करता है, जिसमें सरकारें, स्वास्थ्य संस्थान, सामाजिक संगठन और आम लोग एकजुट होकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने का संकल्प लेते हैं।
विश्व कैंसर दिवस 2026 की थीम
इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस की थीम है “अद्वितीयता से एकजुट” (United by Unique)। यह तीन वर्षीय अभियान (2025-2027) का हिस्सा है, जो इस बात पर जोर देता है कि हर कैंसर मरीज का अनुभव अलग होता है। यह थीम व्यक्ति-केंद्रित देखभाल, समान उपचार अवसर और सामाजिक व आर्थिक असमानताओं को कम करने पर विशेष ध्यान देती है।
क्यों जरूरी है यह दिन
विश्व कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को कैंसर के जोखिम, लक्षण और इलाज के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, यह दिन कैंसर से जुड़े भय, मिथकों और सामाजिक कलंक को दूर करने में भी अहम भूमिका निभाता है। जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे जीवन बचाया जा सकता है।
कैंसर क्या है
कैंसर कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि बीमारियों का एक समूह है, जिसमें शरीर की असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं। यह बीमारी किसी भी उम्र और वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है और इसका असर शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी पड़ता है।
कैंसर के प्रमुख प्रकार
- स्तन कैंसर: महिलाओं में सबसे आम, हालांकि पुरुष भी प्रभावित हो सकते हैं।
- फेफड़ों का कैंसर: धूम्रपान और तंबाकू सेवन से जुड़ा, मृत्यु दर अधिक।
- कोलोरेक्टल कैंसर: कोलन या मलाशय को प्रभावित करता है, नियमित जांच से जल्द पहचान संभव।
- मुख कैंसर: तंबाकू और सुपारी सेवन से जुड़ा।
- गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर: एचपीवी संक्रमण से संबंधित, टीकाकरण से रोका जा सकता है।
- रक्त कैंसर: जैसे ल्यूकेमिया और लिंफोमा।
समय पर पहचान ही बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और समय पर उपचार से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विश्व कैंसर दिवस हमें यही संदेश देता है कि जागरूकता और एकजुटता से इस बीमारी को हराया जा सकता है।













