हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां विद्यालयों में निशुल्क वितरण के लिए भेजी गईं किताबें कबाड़ी की दुकान पर ट्रक में लदी मिलीं। बताया जा रहा है कि ये किताबें शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए थीं और इन्हें छात्रों तक पहुंचाया जाना था। तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला सामने आते ही स्थानीय अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किताबें सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वितरित की जानी थीं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को समय पर पाठ्य सामग्री मिल सके। लेकिन जिन पुस्तकों से बच्चों का भविष्य संवरना था, वे कबाड़ में बिकने के लिए पहुंच गईं। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में नई और बंडल पैक किताबें ट्रक में भरी मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि वितरण प्रक्रिया में कहीं न कहीं लापरवाही या मिलीभगत हुई है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। यदि दोष सिद्ध हुआ तो कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी भारी रोष है। उनका कहना है कि सरकार बच्चों की शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर क्या कार्रवाई होती है।

















