• Home
  • UP
  • प्राकृतिक खेती से मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य को बचाया जा सकता है: विशेषज्ञ
Image

प्राकृतिक खेती से मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य को बचाया जा सकता है: विशेषज्ञ

नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित, किसानों को जैविक एवं गौ-आधारित खेती अपनाने का संदेश

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :

अलीगढ़, 18 जून। केंद्र सरकार के 12 वर्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कृषि विज्ञान केंद्र, छेरत में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण पाल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि अरुण कुमार चौधरी तथा जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र कुमार चौधरी ने अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान” का उद्घोष करते हुए किसानों से खेती के साथ गौपालन को भी अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि से ही राष्ट्र का विकास संभव है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती मीना कुमारी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और कम्पोस्ट व जैविक खादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी बनती है।

वैज्ञानिकों ने बताई प्राकृतिक खेती की उपयोगिता

कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वजीत सिंह ने आलू की खेती और टिश्यू कल्चर तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि इस वैज्ञानिक पद्धति से एक पौधे से लगभग 1700 नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने केंचुआ खाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रासायनिक खेती और अत्यधिक यंत्रीकरण के कारण मिट्टी के मित्र केंचुओं की संख्या घट रही है, जिससे भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

प्राकृतिक खेती विषय पर वैज्ञानिक डॉ. नेत्रपाल मलिक ने कहा कि यह खेती सूक्ष्म जीवों पर आधारित है। जीवामृत एवं अन्य प्राकृतिक संसाधन पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं तथा मिट्टी की जैविक सक्रियता को बढ़ाते हैं। इससे उत्पादन लागत कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।

जल संरक्षण और जैविक खेती पर दिया जोर

एमएलसी एवं पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब किसान विकसित और आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा नदियों के संरक्षण को अपनाने की अपील की।

एमएलसी डॉ. मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के कारण गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं तथा भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण पाल सिंह ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताया।

संयुक्त कृषि निदेशक श्रवण कुमार ने “अब लौट चलें, प्रकृति की ओर” का संदेश देते हुए मिट्टी परीक्षण, जल संरक्षण, कम पानी वाली फसलों तथा रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग पर बल दिया। एफपीओ संचालक संतोष कुमार सिंह ने किसानों से बदलते कृषि परिदृश्य को समझते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष ई. राजीव शर्मा, शिव नारायण शर्मा, ब्लॉक प्रमुख जवां हरेंद्र सिंह, चौधरी नत्थी सिंह, शल्य राज सिंह, गौरव शर्मा, अवध प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार सहित कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, जैविक खादों के उपयोग और टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई तथा प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।

Releated Posts

कांग्रेस ने मांगीं 172 सीटें, सपा सिर्फ 12-14 सीट देने के पक्ष में!

सपा 50 से 60 सीटें देने के पक्ष में, पश्चिमी यूपी में कांग्रेस को 12 से 14 सीटें…

ByByHindustan Mirror News Oct 24, 2026

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 से 24 फरवरी तक, विषयवार कार्यक्रम जारी

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दो पालियों में होंगी आयोजित, 12 अक्टूबर को बोर्ड सचिव ने जारी किया…

ByByHindustan Mirror News Oct 13, 2026

1 क्लिक पर पढ़ें AMU की सभी खबरें 12-10-2026

सर सैयद दिवस पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति होंगे मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : अलीगढ़, 12 अक्टूबर।…

ByByHindustan Mirror News Oct 12, 2026

शारदीय नवरात्रि प्रारम्भ, पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना कैसे करें ?

घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय पर्व शुरू, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से भक्त करेंगे पूजा-अर्चना नई दिल्ली,…

ByByHindustan Mirror News Oct 11, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *