हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
एएमयू दर्शनशास्त्र विभाग में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
अलीगढ़, 3 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा कला संकाय में डायलॉग (डिस्कशन एण्ड इंटेरेक्टि ऐक्टिविटीज़ फाॅर लर्निंग आउटकम एण्ड गाइडेंस) फोरम का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया।
डायलॉग एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थी विद्यार्थियों में खुली चर्चा, कौशल विकास और समालोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है। साथ ही यह पर्यावरण और सतत विकास से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।
विभागाध्यक्ष डॉ. आमिर रियाज ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सहयोगात्मक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डायलॉग जैसे मंच छात्रों में आलोचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। डॉ. रियाज ने नए समन्वयकों डॉ. जैद अहमद सिद्दीकी, डॉ. हिना मुश्ताक और डॉ. मोहम्मद आजाद का स्वागत भी किया, जो क्रमशः स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।
पूर्व समन्वयक डॉ. शाहिदुल हक ने फोरम की पूर्व उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसने शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अन्य शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्र सहभागिता का महत्वपूर्ण मंच बताया।
पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अकील अहमद ने छात्रों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि डायलॉग की वास्तविक ताकत विद्यार्थियों की सहभागिता और अपने विचार रचनात्मक ढंग से रखने के साहस में निहित है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जैद अहमद सिद्दीकी ने किया।
एएमयू के ललित कला विभाग में नए अध्यक्ष नियुक्त
अलीगढ़, 3 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आबिद हादी को विभाग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल तीन वर्ष के लिए होगा। आज उन्होंने अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया।
डॉ. हादी ने बीएफए, एमएफए और पीएच.डी. की उपाधि पटना विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वे अगस्त 2015 में एएमयू से एसोसिएट प्रोफेसर नियुक्त हुए। उन्हें 25 वर्षों के शिक्षण अनुभव है तथा ललित कला के क्षेत्र में अध्यापन और शोध, दोनों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके निर्देशन में दस शोधार्थियों ने पीएच.डी. पूर्ण की है। उनके 30 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं, साथ ही पटना की कला और वास्तुकला पर एक चर्चित पुस्तक भी लिखी है।
एक कलाकार के रूप में उन्होंने चार राष्ट्रीय स्तर की एकल प्रदर्शनी आयोजित की हैं और भारत तथा विदेशों में 50 से अधिक समूह प्रदर्शनों में भाग लिया है। वे 12 राष्ट्रीय कला शिविरों और कार्यशालाओं में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।
उनकी कलाकृतियों को ऑल इंडिया आर्ट एग्जिबिशन और ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स सोसाइटी (एआईएफएसीएस), नई दिल्ली समेत अनेक मंचों पर सराहा गया है। उन्हें कई राष्ट्रीय स्तर के सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।
डॉ. हादी ने बिहार लोक सेवा आयोग की चयन समिति सहित कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक समितियों में भी सेवाएँ दी हैं। उन्होंने 25 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों व सेमिनारों में सक्रिय भागीदारी की है।
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एएमयू में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, बड़ी संख्या में शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
अलीगढ़, 3 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर टीचिंग स्टाफ क्लब में सफलतापूर्वक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह शिविर एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (एएमयूटीए), नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस, एएमयू इकाई) और जे.एन. मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित किया गया।
शिविर में शिक्षकों, छात्रों और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भाग लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजकों ने बड़ी संख्या में हुई भागीदारी को सराहते हुए कहा कि इस शिविर की सफलता का श्रेय अमुटा, एनएसएस स्वयंसेवकों और जे.एन. मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा टीम के सामूहिक प्रयासों को जाता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नियमित रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे “मानवता की सेवा” बताया। उन्होंने कहा कि “रक्त की एक यूनिट कई जीवन बचा सकती है” और प्रतिभागियों से आगे भी ऐसे प्रयासों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
शिविर में छात्र स्वयंसेवकों की लगन और प्रतिबद्धता की सराहना विश्वविद्यालय अधिकारियों और आयोजकों ने विशेष रूप से की। इस आयोजन ने न केवल जीवन बचाने में योगदान दिया, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।
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एएमयू के विभिन्न संस्थानों में श्रद्धा और देशभक्ति के साथ गांधी जयंती समारोह आयोजित
अलीगढ़, 3 अक्टूबररू अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भाषणों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सादगी के आदर्शों को रेखांकित किया गया।
इतिहास विभाग के सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी ने महात्मा गांधी की 156वीं जयंती पर विशेष पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया। विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक प्रो. हसन इमाम ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में गांधीजी की विचारधारा की समकालीन प्रासंगिकता पर बल देते हुए सत्याग्रह, अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों को आज के समय में और भी अधिक महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. परवेज नजीर ने गांधीजी को केवल राजनीतिक नेता और सामाजिक सुधारक ही नहीं बल्कि गहरे राजनीतिक दार्शनिक और आध्यात्मिक व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया जिनका प्रभाव विश्वव्यापी है। आयोजनकर्ता प्रो. एम. वसीम राजा ने गांधी को मध्यस्थ और जन-अपील वाले नेता के रूप में उभारे जाने पर चर्चा की। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
एएमयू सिटी गर्ल्स हाई स्कूल, काजीपाड़ा में प्राचार्य जावेद अख्तर द्वारा ध्वजारोहण और पुष्पांजलि के साथ समारोह की शुरुआत हुई। छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और शिक्षक जिया-उल-हक ने गांधीजी के जीवन और उनके अहिंसा के दर्शन पर भाषण दिया। प्राचार्य अख्तर ने गांधीजी के जीवन को सादगी और नैतिक साहस का प्रतीक बताया।
अहमदी स्कूल फॉर द विजुअली चैलेंज्ड ने “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें छात्रों ने भाषण और भजनों की प्रस्तुति दी। प्राचार्य डॉ. नायला राशिद के नेतृत्व में रैली निकाली गई, जिसमें स्वच्छता और जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
एएमयू गर्ल्स स्कूल में प्राचार्य आमना मलिक और उप-प्राचार्य अलका अग्रवाल के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। छात्रों ने भाषण, कविता और गीतों के माध्यम से गांधीजी के आदर्श प्रस्तुत किए।
सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गर्ल्स) की प्राचार्य नगमा इरफान ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए गांधी और शास्त्री जी के योगदान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
एसटीएस स्कूल में गांधीजी के महिला सशक्तिकरण और जननेता के रूप में उभार पर भाषण हुए। प्राचार्य फैसल नफीस ने गांधी मूल्यों की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए स्वच्छता और राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
एएमयू एबीके हाई स्कूल (बॉयज) में विशेष सभा आयोजित हुई, जिसमें छात्रों ने प्रेरक भाषण, देशभक्ति गीत और कविताएँ प्रस्तुत कीं। निबंध प्रतियोगिता और स्वच्छता अभियान भी आयोजित हुआ। प्राचार्या डॉ. समीना ने छात्रों से गांधीजी के शांति, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर प्रौढ़ शिक्षा एवं सतत विस्तार केन्द्र के निदेशक डॉ. शमीम अख्तर ने विशेष सत्र का आयोजन किया। उन्होंने गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास, सत्याग्रह की शुरुआत और असहयोग आंदोलन सहित उनके जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रकाश डाला। डॉ. अख्तर ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे सत्य, अहिंसा और राष्ट्रसेवा के गांधीजी के मार्ग पर चलते रहें।
केंद्र के शिक्षार्थियों और हितधारकों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
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एएमयू के विमेंस कॉलेज में सर सैयद डे समारोह के तहत ओपन जिला टूर्नामेंट का आयोजन
अलीगढ़, 3 अक्टूबरः सर सैयद डे समारोह के श्रंखला के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विमेंस कॉलेज के फिजिकल एजुकेशन सेक्शन द्वारा बास्केटबॉल और वॉलीबॉल का ओपन जिला टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट केवल लड़कियों के लिए होगा, जिसमें एएमयू स्कूलों के अलावा अलीगढ़ के अन्य शैक्षणिक संस्थानों की छात्राएँ भाग ले सकती हैं।
फिजिकल एजुकेशन सेक्शन की इंचार्ज डॉ. नाजिया खान के अनुसार ऑफलाइन पंजीकरण 9 अक्टूबर 2025 सुबह 10 बजे तक खुला रहेगा। प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियाँ विमेंस कॉलेज के फिजिकल एजुकेशन सेक्शन की इंचार्ज को जमा करनी होंगी। टूर्नामेंट के फिक्स्चर 8 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे निकाले जाएंगे।
टूर्नामेंट नॉकआउट प्रणाली पर आधारित होगा और इसका उद्घाटन समारोह 9 अक्टूबर 2025 को सुबह 9 बजे विमेंस कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को निर्धारित समय पर उचित खेल पोशाक उपस्थित होना होगा।
अधिक जानकारी eduphysical49@gmail.com से हासिल की जा सकती है।
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एएमयू सामाजिक कार्य विभाग में विशिष्ट पूर्व छात्रों के साथ संवाद एवं मेंटरशिप सत्र आयोजित
अलीगढ़, 3 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग ने अपने विशिष्ट पूर्व छात्रों के साथ एक समृद्ध संवाद और मेंटरशिप सत्र का आयोजन किया, जिसमें छात्रों को व्यावसायिक अनुभव और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
पहला सत्र डॉ. आफताब आलम (सीनियर मैनेजर, एचआर एवं वेलफेयर ऑफिसर, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), झांसी) द्वारा संचालित किया गया। वे एमएसडब्ल्यू (2002-2004) बैच के पूर्व छात्र हैं। डॉ. आलम ने मानव संसाधन प्रबंधन में अपने व्यापक अनुभव को साझा करते हुए एचआर प्रैक्टिस की वास्तविक उपयोगिता और एमएसडब्ल्यू कौशल की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों को ऐसे उपकरण और विधियाँ प्रदान करता है जो संगठनों और एचआर क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने में सहायक हैं।
दूसरा सत्र मोहम्मद अशरफ परवेज (स्टेट प्रोग्राम मैनेजर, हेल्थ एंड न्यूट्रिशन, प्रोजेक्ट कन्सर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) इंडिया, बिहार) द्वारा संचालित किया गया। वे भी एमएसडब्ल्यू 2002-2004 बैच के पूर्व छात्र हैं। दो दशकों से अधिक के पेशेवर अनुभव और यूनिसेफ सहित प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़े कार्यों के आधार पर परवेज ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने टीकाकरण, पोषण और आउटरीच पहलों पर चर्चा की और क्षमता निर्माण एवं सतत हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया।
डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. इकराम हुसैन के साथ विभाग के शिक्षकों डॉ. कुर्रतुलऐन अली, डॉ. शायना सैफ, डॉ. मोहम्मद आरिफ खान, डॉ. अन्दलीब, डॉ. मोहम्मद उजैर, डॉ. समीरा खानम और डॉ. अनम आफताब ने इस संवाद को सफल बनाने में सहयोग दिया।
सत्र का समापन डॉ. मोहम्मद ताहिर द्वारा आभार प्रकट करने के साथ हुआ। उन्होंने पूर्व छात्रों का अमूल्य मार्गदर्शन साझा करने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम से छात्र प्रेरित होकर लौटे और व्यावसायिकता, क्षमता निर्माण तथा एमएसडब्ल्यू सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग से अपने कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त हुए।
















