हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा धीरूभाई अंबानी गीगा एनर्जी कॉम्प्लेक्स तैयार कर रही है, जो आकार और क्षमता में टेस्ला की गीगाफैक्ट्री से चार गुना बड़ा होगा। 44 लाख वर्गफुट में फैले इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण में अब तक 34 लाख क्यूबीक मीटर कंक्रीट, 7 लाख टन स्टील और एक लाख किलोमीटर केबल का उपयोग किया जा चुका है, जो चांद तक जाकर वापस आने जितनी दूरी के बराबर है।
सौर ऊर्जा में विश्व रिकॉर्ड की तैयारी
रिलायंस के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने 48वीं वार्षिक आम बैठक में बताया कि कच्छ की 5.5 लाख एकड़ बंजर भूमि पर दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना विकसित हो रही है। यह परियोजना सिंगापुर के आकार से तीन गुना बड़ी होगी और अगले दशक में भारत की करीब 10% बिजली की जरूरतें पूरी करेगी।
गीगा फैक्ट्रियों का नेटवर्क
रिलायंस अपनी इंटीग्रेटेड सोलर पीवी निर्माण क्षमता को 10 गीगावाट से बढ़ाकर 20 गीगावाट प्रति वर्ष तक ले जाएगी। 2026 में बैटरी गीगा फैक्ट्री 40 गीगावाट क्षमता के साथ शुरू होगी, जिसे बाद में 100 गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रोलाइजर गीगा फैक्ट्री भी 2026 के अंत तक चालू कर दी जाएगी।
भारत को ग्रीन एनर्जी में वैश्विक नेतृत्व
अनंत अंबानी ने कहा कि जामनगर का यह कॉम्प्लेक्स दुनिया का सबसे बड़ा पारंपरिक और न्यू एनर्जी हब होगा। यह परियोजना भारत को ग्रीन एनर्जी में ग्लोबल लीडर बनाने के साथ-साथ नई रिलायंस और नए भारत का चेहरा साबित होगी।