हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 11 सितंबर
क्षयरोग (टीबी) के खिलाफ एक सराहनीय कदम उठाते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएनएमसीएच) के टीबी एंड चैस्ट विभाग ने 100 टीबी मरीजों को अपनाया और उन्हें “पोषण पोटली” वितरित की। यह पहल भारत सरकार की राष्ट्रीय मिशन योजना के तहत की गई है।
उपचार और पोषण का संतुलन
विभागाध्यक्ष एवं राज्य टास्क फोर्स फॉर टीबी के उपाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद शमीम ने बताया कि
- 100 मरीजों को अपनाकर उन्हें लगातार पोषण सहायता दी जाएगी।
- प्रति मरीज औसतन 450 रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- उद्देश्य है कि इलाज और पोषण के बीच के संबंध को मजबूत किया जा सके।
उन्होंने एएमयू के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और समुदाय से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कुलपति की सराहना
एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि
- यह पहल विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य सेवा, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन मिशन को यह कदम मजबूत बनाएगा।
मानव सेवा की परंपरा
यह पहल न केवल रोगी देखभाल और समुदाय सेवा में विभाग की निरंतर उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि एएमयू की मानव सेवा की ऐतिहासिक परंपरा को भी आगे बढ़ाती है।















