अलीगढ़, 06 अक्टूबर 2025 — कलैक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डेफ सोसाइटी के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी संजय रंजन को भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान डीएम ने कई प्रकार के संकेत सीखे और मूक-बधिर दिव्यांगजनों से साइन लैंग्वेज के माध्यम से संवाद करने का अभ्यास भी किया।

जिलाधिकारी ने कहा, “यदि हम सच में मूक-बधिर दिव्यांगजनों की पीड़ा को समझना चाहते हैं, तो हमें सांकेतिक भाषा सीखनी ही चाहिए। इससे न केवल संवाद आसान होगा बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान भी शीघ्रता से किया जा सकेगा।”
कार्यक्रम में डेफ सोसाइटी के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी अनुभव गौतम ने सुझाव दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को साइन लैंग्वेज का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि मूक-बधिर व्यक्तियों की शिकायतें और आवश्यकताएं बिना बाधा सुनी जा सकें।
सोसाइटी के सदस्य रिजवान ने डीएम से अनुरोध किया कि विभिन्न सरकारी विभागों में मूक-बधिर दिव्यांगजनों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अलीगढ़ में मूक-बधिर बच्चों के लिए केवल आठवीं तक ही विद्यालय संचालित है, जिसके बाद उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। इसलिए शहर में माध्यमिक व स्नातक स्तर तक की कक्षाओं की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान डीएम ने साइन लैंग्वेज में नाम पूछना, समस्या जानना और सहायता बताने जैसे संकेतों को भी सीखा।
इस मौके पर ताहिरा गौतम, मोनिका गौतम, खिजर, ईशान, अली, तबस्सुम, तैयब और साक्षी सहित डेफ सोसाइटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अनुभव गौतम ने जिलाधिकारी को नवंबर माह में आयोजित होने वाले क्रिकेट मैच के लिए आमंत्रित किया।













