• Home
  • अलीगढ
  • एएमयू में बांग्ला कला, साहित्य और संस्कृति का उत्सवः “जिबोन जागे आनंदे”
Image

एएमयू में बांग्ला कला, साहित्य और संस्कृति का उत्सवः “जिबोन जागे आनंदे”

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

अलीगढ़, 7 अक्टूबरः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मॉडर्न इंडियन लैंग्वेजेज विभाग के बांग्ला अनुभाग द्वारा डॉ. अमीना खातून, प्रभारी, बांग्ला अनुभाग के मार्गदर्शन में मौलाना आजाद लाइब्रेरी कल्चरल हॉल में “जिबोन जागे आनंदे” शीर्षक से एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के डीन और विभागाध्यक्ष, मॉडर्न इंडियन लैंग्वेजेज, प्रोफेसर टी. एन. सतीसन, प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद वसीम अली, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स की पूर्व डीन, प्रोफेसर सैयदा नुजहत जेबा, विभागाध्यक्ष, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्रोफेसर सलमा अहमद और प्रसिद्ध संगीतकार जोनी फॉस्टर शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर टी. एन. सतीशन ने बांग्ला संस्कृति और संगीत की सुंदरता और गहराई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बांग्ला सांस्कृतिक परंपरा आनंद के दर्शन को समेटे हुए है। रवींद्रनाथ टैगोर की लयबद्ध प्रतिभा, काजी नज्रुल इस्लाम की क्रांतिकारी कविता, ललन फकीर की लोकबुद्धि और नृत्य-संगीत की जीवंतता के माध्यम से बांग्ला कला जीवन की खुशियों और आध्यात्मिक आनंद की अनन्तता को अभिव्यक्त करती है।

प्रोफेसर मोहम्मद वसीम अली ने छात्रों से कहा कि वे महान बांग्ला विद्वानों और लेखकों के जीवन और कृतियों का अध्ययन व्यक्तिगत और बौद्धिक विकास के लिए करें। प्रोफेसर सलमा अहमद ने बंगाल की सांस्कृतिक समृद्धि पर जोर दिया और अपने “5 पी” दर्शन, धैर्य, पूर्णता, सकारात्मकता, शिष्टाचार और माता-पिता का आशीर्वाद का परिचय देते हुए छात्रों को जीवन में सीखने, अपनाने और सुधार करने की प्रेरणा दी। प्रोफेसर जेबा ने डॉ. अमीना खातून की बांग्ला संस्कृति के संरक्षण और प्रचार में समर्पित प्रयासों की सराहना की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत मंजिरा खातून द्वारा रबींद्र संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई, जबकि फिजा अफरोज ने सर सैयद अहमद खान को मधुर गजल के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद रिफत जेहरा, मीर मसुदुल हक, शारिक कमर, गुलाम सरवर और डॉ. गुलाम फरीद साबरी ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने हॉल में भाव और आनंद का वातावरण उत्पन्न किया।

साहित्यिक आकर्षण में मुबास्सिर खान और दरखशां परवीन ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं, जबकि मोहम्मद फारिक साबरी ने मनमोहक संगीत प्रदर्शन से श्रोताओं को मोहित किया। जोनी फॉस्टर की शायरी ने शाम में काव्यात्मकता का स्पर्श जोड़ा, शादाब का भावपूर्ण मोनोलॉग श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर गया, और अबू आसिम द्वारा लिखित और प्रदर्शित नाटक कार्यक्रम के सबसे आकर्षक अंशों में से एक रहा।

कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने में बांग्ला अनुभाग के छात्रों इफ्फा, माजिया, स्नेहा, रुकैया, सानी प्रिंस, सबिकुन और अन्य सदस्यों के समर्पित प्रयासों का विशेष योगदान रहा।

Releated Posts

शिक्षा मंत्री बने प्रह्लाद जोशी, बोले— प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने का करूंगा हरसंभव प्रयास

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संभाली जिम्मेदारी, एनईपी और शिक्षा सुधारों को आगे बढ़ाने…

ByByHindustan Mirror News Jul 26, 2026

यूपी में आरटीओ सेवाएं होंगी पूरी तरह डिजिटल, वाहन ट्रांसफर और रजिस्ट्रेशन अब ‘ऑटो अप्रूव’

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :52 फेसलेस सेवाएं चरणबद्ध लागू, ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड होते ही सॉफ्टवेयर करेगा मंजूरी; आरटीओ कार्यालय…

ByByHindustan Mirror News Jul 21, 2026

पर्यटन परियोजनाओं की होगी जमीनी पड़ताल, उपयोगिता के आधार पर ही मिलेगी स्वीकृति: जयवीर सिंह

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : 18 मंडलों की समीक्षा का अलीगढ़ से आगाज, नवंबर तक लंबित परियोजनाएं पूरी करने…

ByByHindustan Mirror News Jul 20, 2026

अटल आवासीय विद्यालय के छात्रों को स्कूली शिक्षा के साथ प्रदान किया जायेगा कौशल प्रशिक्षण

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रवीण योजना’ के अंतर्गत अटल आवासीय विद्यालय में शासन…

ByByHindustan Mirror News Jul 19, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top