हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 10 अक्तूबरः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की अलीगढ़ सोसाइटी ऑफ हिस्ट्री एंड आर्कियोलॉजी (एएसएचए) ने सर सैयद डे समारोह के अवसर पर छात्रों के लिए एक विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया। इस वॉक का उद्देश्य प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के मिशन और उनके प्रगतिशील दृष्टिकोण की याद दिलाना था, जिसके माध्यम से उन्होंने एक छोटे से कॉलेज को विश्वविख्यात शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया।
इस वॉक का नेतृत्व प्रोफेसर सैयद अली नदीम रेजावी और डॉ. लुबना इरफान ने किया। दोनों ने सर सैयद के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और समावेशी सोच पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एम.ए.ओ. कॉलेज के पुराने भवन, जैसे स्ट्रेची हॉल और उसकी दीवारों पर लगी दानदाताओं की पट्टिकाएँ, सर सैयद की उदार भावना का प्रतीक हैं। इन पट्टिकाओं पर विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों के नाम अंकित हैं, जो उनकी एकता और साझी सांस्कृतिक धरोहर की सोच को दर्शाते हैं।
वॉक की शुरुआत विक्टोरिया गेट से हुई और प्रतिभागियों ने स्ट्रेची हॉल, लिटन लाइब्रेरी, निजाम म्यूजियम और जामा मस्जिद जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। यह यात्रा अंत में मूसा डाकरी म्यूजियम स्थित सर सैयद कलेक्शन पर समाप्त हुई। इस दौरान छात्रों को बताया गया कि सर सैयद ने अपने प्रारंभिक योजना में एक ऐसे संग्रहालय की कल्पना की थी, जो भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करे, और निजाम म्यूजियम उसी विचार की परिणति है।
इस हेरिटेज वॉक में 40 से अधिक छात्रों और शोधार्थियों ने भाग लिया और सर सैयद की शिक्षाप्रद विरासत को नजदीक से समझने का अवसर प्राप्त किया।
















