हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 8 अक्टूबर: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने एक बार फिर अपने शैक्षणिक और शोध उत्कृष्टता के मानक को साबित किया है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय ने एलेसिवियर और स्कोपस के सहयोग से तैयार की गई विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की वार्षिक सूची में एएमयू के 46 शोधकर्ताओं को स्थान दिया है। यह सूची 22 वैज्ञानिक विषयों और 174 उप-क्षेत्रों में शोध प्रदर्शन का आकलन करती है और इसमें एक समग्र संकेतक (C-Score) का उपयोग किया जाता है, जो उद्धरण प्रभाव, सह-लेखकता पैटर्न और लेखन स्थिति पर आधारित होता है।
यह रैंकिंग केवल प्रकाशनों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध की गुणवत्ता, प्रभाव और सार्थक योगदान को प्रमुखता देती है। विशेष रूप से, एएमयू के 46 शोधकर्ता “Career and Long Impact” श्रेणी में शामिल किए गए हैं, जो विश्वविद्यालय में लगातार प्रोत्साहित की जा रही जिज्ञासा और नवाचार की संस्कृति को दर्शाता है।
सूची में प्रमुख विभागों के शोधकर्ताओं की उपस्थिति ने विश्वविद्यालय की बहुआयामी ताकत को भी उजागर किया है। कृषि माइक्रोबायोलॉजी, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान विभाग के फैकल्टी सदस्य प्रमुख हैं। इसके अलावा एप्लाइड केमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, भौतिकी, प्राणीशास्त्र, औद्योगिक रसायन विज्ञान, जैव रसायन, गणित, नैनोटेक्नोलॉजी, प्लांट प्रोटेक्शन और पोस्ट-हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विभाग के शोधकर्ताओं का योगदान भी उल्लेखनीय रहा।
एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने इस उपलब्धि पर शोधकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना फैकल्टी की बौद्धिक क्षमता और उनके शोध कार्य की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा को जोड़ने के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उनका कहना था कि यह उपलब्धि केवल विश्वविद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के कल्याण और ज्ञान के प्रसार में हमारी साझा प्रतिबद्धता के लिए भी गर्व का विषय है। एएमयू के इस विश्वव्यापी मान्यता ने इसे शोध और शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया है।
















