पूर्व एमएलसी की पत्नी ने सीएम और डीजीपी से की कार्रवाई की मांग
सहारनपुर।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: पूर्व विधायक एवं उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगे हैं । आरोप है कि पूर्व एमएलसी भाइयों की करोड़ों की जमीन पर पूर्व विधायक और उनके बेटे ने कब्जा कर लिया । साथ ही उस जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित करने का कार्य भी शुरू कर दिया है। पूर्व एमएलसी की पत्नी ने सीएम योगी आदित्यनाथ, डीजीपी समेत कई आला अफसरों को पूर्व विधायक और उसके बेटे आदि पर कार्रवाई करने और जमीन मुक्त कराने के मांग की है।
जिले के मिर्जापुर पोल निवासी फरीदा बेगम ने आरोप लगाया है कि प्रार्थिनी के परिवार के बच्चों एवं देवर को विगत तीन वर्षों से एक गैंग द्वारा कथित तौर पर पुलिस की मिलीभगत से एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत जेल भिजवाया गया था। मेरे पति गत तीन वर्षों से बाहर हैं। इस अवसर का लाभ उठाकर पूर्व विधायक एवं उनके पुत्र आदि ने ग्राम गागालेहड़ी, देहरादून रोड स्थित भूमि जो देवर पूर्व एमएलसी महमूद के नाम लगभग 10 बीघा तथा पति पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल के नाम लगभग 3 बीघा है, पर हथियारबंद गुंडों के बल पर अवैध रूप से कब्जा कर पेट्रोल पंप स्थापित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। फरीदा बेगम ने कहा है कि पूर्व में भी इस संबंध में सीएम समेत कई आला अफसरों को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया था, किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप ये भी है कि इसके अतिरिक्त, पूर्व विधायक के पुत्र द्वारा प्रार्थिनी के परिवार की अन्य भूमि ग्राम शाहपुर गाड़ा, मिर्जापुर पोल, शेरपुर पेला तथा इंदरपुर तालड़ा कुल लगभग 50 बीघा, थोखाधड़ी से विक्रय की जा चुकी है। इन सम्पत्तियों के संबंध में प्रार्थिनी के परिवार के पास विधिवत एग्रीमेंट उपलब्ध है तथा संपूर्ण भुगतान भी प्रार्थिनी के परिवार द्वारा किया गया था। इस संबंध में भी कई बार प्रार्थना पत्र प्रेषित किए गए, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि इसके अलावा आरोपी पूर्व विधायक ने प्रार्थिनी के परिवार को गुमराह करके तीन करोड़ रूपये लीए । साथ ही यह आश्वासन दिया कि वह शीघ्र ही हमारे बच्चों को जेल से बाहर निकलवा देंगे। लेकिन ना तो यह कार्य हुआ और ना ही धनराशि वापस की गई। इसके विपरीत लगातार हमारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।
फरीदा बेगम का आरोप है कि सीएम आदि से शिकायत करने पर मुझे और परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियों दी जा रही हैं। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। आरोप लगाया कि इस अवैध कब्जा करने की प्रक्रिया में कथित तौर पर तहसीलदार एवं पुलिस की भी संलिप्तता है। जबकि पीएम और सीएम द्वारा अवैध कब्जे धारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं

















