हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
लखनऊ, 9 नवंबर – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी है। समाज कल्याण विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोपों में पांच अधिकारियों को बर्खास्त किया है, जबकि तीन सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन से कटौती के आदेश दिए गए हैं। विभागीय मंत्री असीम अरुण की निगरानी में हुई जांच के बाद यह कदम उठाया गया है।
बर्खास्त हुए अधिकारी:
- मीना श्रीवास्तव – श्रावस्ती में मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना और छात्रवृत्ति योजनाओं में हेराफेरी का आरोप।
- करुणेश त्रिपाठी – मथुरा में 11 मान्यता विहीन आईटीआई संस्थानों को ₹2.53 करोड़ की अनियमित छात्रवृत्ति भुगतान; ₹19.25 करोड़ की वसूली का आदेश।
- संजय कुमार ब्यास – हापुड़ में ₹2.74 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि सीधे संस्थानों के खाते में ट्रांसफर की; ₹3.23 करोड़ की वसूली के साथ बर्खास्त।
- राजेश कुमार – शाहजहांपुर में वृद्धावस्था पेंशन में खाता बदलकर अपात्रों को लाभ देने का आरोप; ₹2.52 करोड़ की वसूली का आदेश।
- श्रीभगवान – औरैया में पेंशन खातों में गड़बड़ी कर ₹33.47 लाख का नुकसान; ₹20 लाख की वसूली और पेंशन में 10% स्थायी कटौती।
पेंशन से कटौती वाले अधिकारी:
- विनोद शंकर तिवारी और उमा शंकर शर्मा (मथुरा) पर 11 फर्जी आईटीआई संस्थानों को ₹2.53 करोड़ का भुगतान, 50% पेंशन कटौती और करोड़ों की वसूली के निर्देश।
सरकार ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के पुराने मामलों में भी कार्रवाई होगी और संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।














