नई दिल्ली।
अमेरिका के प्रमुख थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने चेतावनी दी है कि साल 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर युद्ध की स्थिति बन सकती है। CFR की रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के बढ़ने से दोनों देशों के बीच तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञों के सर्वे पर आधारित है, जिसमें पूर्व राजनयिक, सैन्य अधिकारी और नीति विशेषज्ञ शामिल हैं।
जम्मू क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क
भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, मौजूदा सर्दियों में जम्मू क्षेत्र में 30 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों में तेजी आने से हालात फिर बिगड़ सकते हैं। CFR का कहना है कि यदि किसी बड़े हमले के जवाब में भारत सैन्य कार्रवाई करता है, तो संघर्ष युद्ध में बदल सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा तनाव
CFR रिपोर्ट में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में 7 मई 2025 को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख किया गया है। इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सेना की मदद करने आए ठिकानों और एयरबेस पर भी कड़ी कार्रवाई की थी।
भारत कर रहा सैन्य ताकत में इजाफा
ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिलहाल दोनों देशों के बीच सीजफायर जारी है और जम्मू-कश्मीर में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ है। इस बीच भारत अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना के लिए लगभग 79 हजार करोड़ रुपये के मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी है। इसमें आकाश और अस्त्र मिसाइल, पिनाका रॉकेट सिस्टम और नौसेना के लिए हाई-ऑल्टिट्यूड लॉन्ग रेंज ड्रोन शामिल हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष की भी आशंका
CFR रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष की संभावना है। डूरंड रेखा पर हालिया झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इसका सीधा असर अमेरिकी हितों पर नहीं पड़ेगा।













