शरियतपुर में 31 दिसंबर की घटना, हालत गंभीर
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला शरियतपुर जिले से सामने आया है, जहां एक हिंदू युवक पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। पहले धारदार हथियारों से हमला किया गया और फिर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
दवा दुकानदार खोकन दास को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, घायल युवक की पहचान खोकन दास के रूप में हुई है। वह शरियतपुर जिले के कानोइर यूनियन के तिलोई गांव में एक छोटी दवा की दुकान चलाते हैं। यह घटना 31 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब खोकन दास दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी उन पर अचानक भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले उन्हें धारदार हथियारों से बुरी तरह घायल किया और इसके बाद उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमले
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की यह कोई पहली घटना नहीं है। 24 दिसंबर को कलिमोहर यूनियन के हुसैनडांगा इलाके में 29 वर्षीय अमृत मंडल को कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इससे पहले 18 दिसंबर को मैमनसिंह की भालुका उपजिला में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोपों के बाद हत्या कर दी गई थी। उस घटना में भीड़ ने शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी।
राजनीतिक घटनाक्रम और भारत की चिंता
इस ताजा हमले से ठीक एक दिन पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ढाका पहुंचे थे। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और उनके बेटे व बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक संदेश सौंपा।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमलों में वृद्धि को लेकर भारत पहले ही गहरी चिंता जता चुका है और बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।













