नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। यह अनुमान पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की 6.5 फीसदी वृद्धि दर से अधिक है। वैश्विक स्तर पर टैरिफ वॉर, भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को यह संकेतक माना जा रहा है।
GDP के आंकड़े क्या कहते हैं
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, स्थिर कीमतों (2011-12 आधार वर्ष) पर भारत की GDP वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 201.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 में GDP का अनंतिम अनुमान 187.97 लाख करोड़ रुपये था। यह वृद्धि घरेलू मांग, निवेश गतिविधियों और नीतिगत सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है।
बजट और सुधारों से मिलेगी मजबूती
आगामी केंद्रीय बजट में रणनीतिक आयकर कटौती, GST का युक्तिकरण और ओमान, ब्रिटेन व न्यूजीलैंड के साथ प्रस्तावित तीन प्रमुख विदेशी व्यापार समझौतों को आर्थिक वृद्धि के लिए उत्प्रेरक माना जा रहा है। इन कदमों से व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान कीमतों पर GDP का अनुमान
वर्तमान कीमतों पर GDP वित्त वर्ष 2025-26 में 357.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में यह 330.68 लाख करोड़ रुपये था, जो लगभग 8 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है।
RBI का आकलन
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी दिसंबर में हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। सरकार द्वारा जारी GDP अनुमान के आधार पर ही आगामी बजट में राजकोषीय घाटा और कर संग्रह से जुड़े लक्ष्य तय किए जाएंगे।













