हिन्दुस्तान मिरर | 27 मार्च 2025
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस ने 27 मार्च 2025 को कल्पतरु ग्रुप कंपनियों और उससे जुड़े संस्थानों के नाम पर दर्ज 6.17 करोड़ रुपये मूल्य की तीन अचल संपत्तियां अटैच कर दी हैं। ये संपत्तियां अहमदाबाद (गुजरात) और कन्नौज (उत्तर प्रदेश) में स्थित ज़मीन के रूप में हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
681 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
ED की यह जांच देशभर में कई राज्यों में दर्ज FIRs के आधार पर शुरू की गई, जिनमें IPC की विभिन्न धाराओं के तहत जालसाजी, धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी से जुड़े मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि कल्पतरु बिल्डटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KBCL) और उसके निदेशक, एजेंट और प्रबंधकों ने जनता से 681 करोड़ रुपये निवेश और प्लॉट आवंटन के नाम पर जमा कराए थे, लेकिन बाद में न तो परिपक्वता राशि चुकाई गई और न ही प्लॉट आवंटित किए गए। इन पैसों का इस्तेमाल कंपनी और निदेशकों/एजेंटों के नाम पर संपत्तियां बनाने के लिए किया गया।
इससे पहले भी ED ने 440 अचल संपत्तियां अटैच की थीं, जिनकी कुल कीमत 113 करोड़ रुपये थी।
प्रोसिक्यूशन शिकायत दायर, कोर्ट ने लिया संज्ञान
ED ने 13 सितंबर 2024 को जय किशन सिंह राणा और 29 अन्य सहयोगियों (जिसमें 20 कल्पतरु ग्रुप कंपनियां शामिल हैं) के खिलाफ PMLA, 2002 के तहत विशेष अदालत (PMLA), गाजियाबाद में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दायर की थी। 3 अक्टूबर 2024 को अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान ले लिया था।
जांच अभी जारी
ED इस मामले में आगे की जांच कर रहा है, और जल्द ही नए खुलासे होने की संभावना है।

















