हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
इंदौर में दूषित पानी बना चर्चा का केंद्र
देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल के इंदौर पहुंचते ही तीन लाख रुपये का वाटर प्यूरीफायर मंगवाने की खबर सामने आई, जिसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस का आरोप: खिलाड़ियों तक में डर
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर गिल की तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब खिलाड़ियों को भी यहां के पानी पर भरोसा नहीं, तो आम जनता का क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि यह इंदौर के शहरी मॉडल की असलियत दिखाता है।
भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के अंत से उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक 24 लोगों की मौत हुई, जबकि राज्य सरकार की रिपोर्ट में सात मौतों की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में 15 मौतों का संबंध इस प्रकोप से होने की आशंका जताई गई है।
मुआवजा और प्रशासन का दावा
प्रशासन ने 21 मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ मौतें अन्य कारणों से भी हो सकती हैं, लेकिन मानवीय आधार पर सभी प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा रही है।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को सरकार की नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी से मौतें होना गंभीर पेयजल त्रासदी है। राहुल गांधी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर पर्याप्त मुआवजे और जवाबदेही की मांग की।
साफ पानी सरकार की जिम्मेदारी
कांग्रेस का कहना है कि लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना सरकार की मूल जिम्मेदारी है, लेकिन इंदौर की घटना ने सिस्टम की पोल खोल दी है। यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि देश के कई शहरों की सच्चाई है।













