हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
देश में बदलते वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिए अपने बयान में देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर, संयम और धैर्य के साथ इस चुनौतीपूर्ण दौर का सामना करना होगा। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि भारत ने पहले भी एकजुटता और अनुशासन के बल पर वैश्विक महामारी जैसी बड़ी चुनौती से सफलतापूर्वक पार पाया था।instagram+1
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की आवश्यकता है।” इस बयान के ज़रिए उन्होंने संदेश दिया कि आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं, इसलिए सरकार और जनता – दोनों को सजग, संगठित और जिम्मेदार रहना होगा।facebook+1
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पीएम मोदी का यह बयान सिर्फ बीमारी या महामारी तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक, ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसी व्यापक चुनौतियों की ओर भी संकेत करता है, जो खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने की स्थिति में भारत के सामने खड़ी हो सकती हैं। विपक्षी दल जहां इसे लोगों में भय पैदा करने वाला बयान बता सकते हैं, वहीं सरकार समर्थक इसे “अग्रिम चेतावनी” और “तैयारी का संदेश” मान रहे हैं। कुल मिलाकर, पीएम मोदी ने कोरोना की याद दिलाकर देश को फिर एक बार संभावित संकट के लिए मानसिक और सामूहिक रूप से तैयार रहने का संदेश दिया है।instagram+1













