मुंबई, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मुंबई के आजाद मैदान में ‘करो या मरो’ का नारा, धनगर समाज का आरक्षण के लिए निर्णायक संघर्ष

मुंबई: आरक्षण के लागू करने की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में दीपकभाऊ बोन्हाडे का आमरण अनशन दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है। यह आंदोलन 16 मार्च को पुण्यश्लोक मल्हारराव होलकर की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ था और आज इसका आठवां दिन है। राज्यभर से बड़ी संख्या में धनगर समाज के लोग आजाद मैदान पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
इस आंदोलन की खास बात यह है कि यह केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से समाज के लोग एकजुट होते नजर आ रहे हैं। आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक धनगर समाज को एसटी आरक्षण का लाभ और प्रमाणपत्र नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। “करो या मरो” के संकल्प के साथ आंदोलन को और आक्रामक बनाने की चेतावनी भी दी गई है।

आंदोलन के चलते सरकार से लगातार मांग की जा रही है कि वह तुरंत संज्ञान लेकर धनगर समाज की मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले। हालांकि अब तक कोई ठोस फैसला नहीं होने से समाज में नाराजगी का माहौल है और आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच, विभिन्न स्तरों से आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर के वंशज भूषणसिंह राजे होलकर ने आजाद मैदान पहुंचकर दीपकभाऊ बोन्हाडे के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उनके इस समर्थन से आंदोलनकारियों का मनोबल और बढ़ा है।

धनगर समाज के एसटी आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा यह आंदोलन फिलहाल पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आने वाले दिनों में सरकार क्या रुख अपनाती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।














