हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सैन फ्रांसिस्को के नए टैक्स कानून को लेकर अमेरिका में छिड़ी बड़ी बहस
अमेरिका में प्रस्तावित नए टैक्स कानून को लेकर तकनीकी जगत और राजनीति में बहस तेज हो गई है। इसी बीच Sergey Brin ने एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिन ने सैन फ्रांसिस्को में प्रस्तावित एक विवादित टैक्स कानून के विरोध में लगभग 5 लाख डॉलर यानी करीब 4.77 करोड़ रुपये का दान दिया है। यह राशि उस राजनीतिक समिति को दी गई है, जो “Overpaid CEO Tax” नामक प्रस्ताव का विरोध कर रही है।
2 जून को होगा अहम मतदान
सैन फ्रांसिस्को में 2 जून को मतदाता दो महत्वपूर्ण टैक्स प्रस्तावों Measure C और Measure D पर मतदान करेंगे। Measure C को व्यापारिक संगठनों और बिजनेस समूहों का समर्थन प्राप्त है। इसके तहत छोटे कारोबारों को राहत देने के लिए टैक्स छूट सीमा 50 लाख डॉलर से बढ़ाकर 75 लाख डॉलर करने का प्रस्ताव है। हालांकि इसके बदले बड़ी कंपनियों पर अधिक कर बोझ डालने की योजना है।
वहीं Measure D, जिसे “Overpaid CEO Tax” कहा जा रहा है, विवाद का केंद्र बना हुआ है। इस प्रस्ताव के अनुसार किसी कंपनी के सीईओ और कर्मचारियों के वेतन के बीच अंतर को आधार बनाकर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। इसमें केवल स्थानीय कर्मचारियों ही नहीं बल्कि कंपनी के वैश्विक कर्मचारियों की आय को भी शामिल किया जाएगा।
समाजवाद पर भी जताई नाराजगी
रिपोर्ट्स के मुताबिक सर्गेई ब्रिन इस प्रस्ताव से नाराज हैं। उन्होंने पहले भी समाजवाद का विरोध करते हुए कहा था कि उनका परिवार 1979 में सोवियत संघ छोड़कर अमेरिका आया था और वह उसके नकारात्मक प्रभाव देख चुके हैं। उनका मानना है कि California उसी दिशा में नहीं बढ़ना चाहिए।
इस मुद्दे ने अमेरिका के टेक सेक्टर में नई बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अरबपति कारोबारी अब राजनीति और नीतियों पर खुलकर प्रभाव डाल रहे हैं।
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