हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11 मई : 2025,
लखनऊ, 11 मई 2025:
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर विशाल वृक्षारोपण अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाले वन महोत्सव के दौरान 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह अभियान राज्य में हरियाली बढ़ाने, जलवायु संकट से निपटने और जनसहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हर विभाग निभाएगा अहम भूमिका
सरकार ने इस बार वृक्षारोपण को पूरी सरकारी मशीनरी और जनभागीदारी के माध्यम से संचालित करने की योजना बनाई है। पौधरोपण का लक्ष्य विभिन्न विभागों में इस प्रकार बांटा गया है:
- वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग: 14 करोड़ पौधे
- ग्राम्य विकास विभाग: 12.59 करोड़ पौधे
- कृषि विभाग: 2.50 करोड़ पौधे
- उद्यान विभाग: 1.55 करोड़ पौधे
- पंचायती राज विभाग: 1.27 करोड़ पौधे
- राजस्व विभाग: 1.05 करोड़ पौधे
- अन्य विभागों को भी अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं।
हर जमीन पर लगेगा पौधा, गांव और शहर दोनों होंगे शामिल
सरकार ने वृक्षारोपण के लिए ग्राम पंचायत और सामुदायिक भूमि, एक्सप्रेसवे और नहरों के किनारे, मेडिकल व शैक्षिक संस्थानों की भूमि, रेलवे और रक्षा विभाग की खाली ज़मीन, विकास प्राधिकरण व औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि के साथ-साथ किसानों की निजी भूमि तक को चुना है। इस व्यापक योजना का उद्देश्य है कि प्रदेश के हर कोने में हरियाली फैले, चाहे वह ग्रामीण इलाका हो या शहरी क्षेत्र।
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा पूर्वाभ्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर व्यापक स्तर पर पूर्वाभ्यास स्वरूप वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए हैं। जिलों, विभागों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को इसके लिए विशेष तैयारी करने को कहा गया है। इससे पहले भी वर्ष 2022 और 2023 में राज्य में क्रमशः 30 और 35 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जिससे हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जनभागीदारी बनेगी सफलता की कुंजी
सरकार का मानना है कि यह अभियान तभी सफल होगा जब आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरकारी व गैरसरकारी संस्थाओं, NCC, NSS, नेहरू युवा केंद्र, युवक और महिला मंगल दल, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और व्यापार मंडलों को शामिल किया जा रहा है। सरकार का संदेश साफ है—हर पौधा तभी पनपेगा, जब लोग खुद उसे संवारेंगे।
हरित क्षेत्र में हो रही प्रगति
भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023 के अनुसार, उत्तर प्रदेश का वन क्षेत्र 559.19 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है। यह योगी सरकार की नीतियों और जनता के सहयोग का प्रमाण है। अब सरकार की नजर 2025 तक राज्य के हरित क्षेत्र को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने पर है।
भविष्य की जरूरत है यह अभियान
जलवायु परिवर्तन, गर्मी, सूखा और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वृक्षारोपण अब केवल एक अभियान नहीं बल्कि राज्य के भविष्य की आवश्यकता बन चुका है। यह योजना पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ स्वस्थ जीवन, स्वच्छ हवा और जल संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है।

















