हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
फरीदाबाद में पकड़े गए अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल के खुलासे ने चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं। गिरफ्तार आठ लोगों में शामिल लखनऊ की महिला डॉक्टर शाहीन सैय्यद पर आरोप है कि वह जैश-ए-मोहम्मद के महिला भर्ती विंग से जुड़ी थी। पुलिस के अनुसार, शाहीन ने महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से शादी की थी, लेकिन 2015 में तलाक के बाद वह फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनकर रह रही थी। इसी दौरान वह कट्टरपंथ की ओर झुक गई और पाकिस्तान स्थित हैंडलर के संपर्क में आ गई, जिसने उसे भारत में महिलाओं की भर्ती का जिम्मा सौंपा था।
जांच में पता चला है कि शाहीन हाल ही में बने आतंकी संगठन “जमात उल मोमिनात” से भी जुड़ी थी, जो प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद का नया महिला विंग है। इस संगठन का गठन अक्टूबर 2025 में जैश प्रमुख मसूद अजहर ने एक पत्र के माध्यम से किया था और सादिया अजहर को इसका प्रमुख बनाया गया था। सादिया, यूसुफ अजहर की पत्नी है, जो मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारा गया था।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन को पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया गया है। पुलिस का मानना है कि वह देश में जैश की महिला विंग की प्रमुख भर्तीकर्ताओं में से एक थी और दिल्ली कार ब्लास्ट केस में भी आरोपी है।
फरीदाबाद से बरामद 2900 किलो विस्फोटक और तीन डॉक्टरों समेत आठ आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि यह नेटवर्क कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। जांच एजेंसियों का कहना है कि जमात उल मोमिनात, इस्लामिक स्टेट (ISIS) की तर्ज पर महिलाओं को युद्ध और आत्मघाती हमलों के लिए तैयार कर रहा था।














