1. एएमयू गणित विभाग को वैश्विक मान्यता
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गणित विभाग की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को उस समय अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली जब विभाग की पूर्व छात्रा डॉ. अलमास खान को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित संस्था पियरसन एडएक्सेल में गणित विषय के लिए असेसमेंट एसोसिएट नियुक्त किया गया। पियरसन यूनाइटेड किंगडम की सबसे बड़ी अवॉर्डिंग बॉडी है, जो विश्वभर में अकादमिक और व्यावसायिक योग्यताओं के मानक तय करती है। डॉ. अलमास वर्तमान में इंग्लैंड के सेंट लॉरेंस कॉलेज में गणित अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने एएमयू से गणित में पीएचडी प्राप्त की तथा विमेंस कॉलेज में अध्यापन भी किया। यह उपलब्धि एएमयू के गणित विभाग की वैश्विक स्तर पर मजबूत अकादमिक नींव और गुणवत्ता को दर्शाती है।
2. सापेक्षता और गुरुत्वाकर्षण पर राष्ट्रीय कार्यशाला
एएमयू के गणित विभाग में “जनरल रिलेटिविटी और ग्रैविटेशन” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। आईयूसीएए पुणे के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों और शोधार्थियों को आधुनिक गुरुत्वीय भौतिकी की ठोस समझ देना था। कार्यशाला में ब्रह्मांड विज्ञान, ब्लैक होल, गुरुत्वीय तरंगें और संशोधित गुरुत्व सिद्धांतों पर विशेषज्ञ व्याख्यान हुए। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वैज्ञानिकों ने सैद्धांतिक और गणितीय पहलुओं को सरल रूप में प्रस्तुत किया। समापन सत्र में पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं युवाओं को अत्याधुनिक शोध से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
3. गैर-स्तनधारी मॉडल पर नैतिक अनुसंधान कार्यशाला
एएमयू के जंतु विज्ञान विभाग में गैर-स्तनधारी मॉडल जीवों पर आधारित नैतिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में थ्री-आर सिद्धांत—रिप्लेसमेंट, रिडक्शन और रिफाइनमेंट—पर विशेष जोर दिया गया। उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. कुदसिया तहसीन ने कहा कि ड्रोसोफिला, जेब्राफिश और हाइड्रा जैसे मॉडल आधुनिक जैविक अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य अतिथि प्रो. सुधा भट्टाचार्य ने औषधि खोज और जैव-चिकित्सीय अनुसंधान में इन मॉडलों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। यह कार्यशाला छात्रों को नैतिक और टिकाऊ अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करेगी।
4. आईओएसीओएन-2025 में प्रो. जिलानी का व्याख्यान
एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रो. लतीफ जफर जिलानी ने गुवाहाटी में आयोजित आईओएसीओएन-2025 में आमंत्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने फेमोरल नेक फ्रैक्चर के नॉन-यूनियन मामलों में वैल्गस ऑस्टियोटॉमी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। प्रो. जिलानी ने बताया कि यह तकनीक युवा रोगियों में कूल्हे के जोड़ को संरक्षित रखने में सहायक है। उनके व्याख्यान से सर्जरी की योजना, रोगी चयन और पुनर्वास को लेकर गहन अकादमिक विमर्श हुआ। सम्मेलन में उनकी प्रस्तुति को साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और आधुनिक ऑर्थोपेडिक नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।
5. जेडएचसीईटी में सिल्वर जुबली रीयूनियन
एएमयू के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में वर्ष 2000 के इंजीनियरिंग बैच का सिल्वर जुबली रीयूनियन आयोजित किया गया। भारत और विदेशों से आए पूर्व छात्रों ने 25 वर्षों की पेशेवर यात्रा को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान ‘मिलेनियम मीट’ सेमिनार में छात्रों को करियर, उद्यमिता और वैश्विक अवसरों पर मार्गदर्शन मिला। पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा कर युवाओं को प्रेरित किया। कॉलेज प्रशासन ने इस आयोजन को संस्थान और उद्योग के बीच सेतु बताया। भावनात्मक मिलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अकादमिक संवाद ने रीयूनियन को यादगार बना दिया।
6. उर्दू विभाग में मिर्जा गालिब जयंती समारोह
एएमयू के उर्दू विभाग में महान शायर मिर्जा गालिब की जयंती पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभिन्न वक्ताओं ने गालिब की शायरी के बौद्धिक, यथार्थवादी और दार्शनिक पक्षों पर प्रकाश डाला। शोधपत्रों के माध्यम से गालिब की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. कमरुल हुदा फरीदी ने कहा कि गालिब की शायरी मानव अनुभव की गहराइयों को छूती है। कार्यक्रम में ग़ज़ल प्रस्तुति ने साहित्यिक माहौल को और समृद्ध किया। यह आयोजन उर्दू साहित्य की जीवंत परंपरा का सशक्त उदाहरण बना।
7. एएमयू गर्ल्स स्कूल में फेयरवेल-कम-फ्रेशर्स
एएमयू गर्ल्स स्कूल में कक्षा 12 और 11 की छात्राओं के लिए फेयरवेल-कम-फ्रेशर्स पार्टी आयोजित की गई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नृत्य और भाषणों ने सभी को भावुक कर दिया। मुख्य अतिथि अजीजा रिजवी ने छात्राओं को आत्मविश्वास और नेतृत्व के लिए प्रेरित किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं को सम्मानित किया गया। सीनियर छात्राओं को भावपूर्ण विदाई दी गई और जूनियर छात्राओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम विद्यालय की अनुशासन, संस्कृति और छात्रा-केंद्रित शिक्षा परंपरा को दर्शाता रहा।
8. अहमदी स्कूल में गणतंत्र दिवस सप्ताह
एएमयू के अहमदी स्कूल में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए गणतंत्र दिवस सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध लेखन, क्विज और देशभक्ति गीत प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्रीय मूल्यों को आत्मसात किया। “वंदे मातरम्” गायन प्रतियोगिता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। स्कूल प्रशासन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां छात्रों में नागरिक चेतना और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य समावेशी शिक्षा के साथ देशभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा।
9. एएमयू एलुमनी एसोसिएशन ऑफ कनाडा की कुलपति से मुलाकात
एएमयू एलुमनी एसोसिएशन ऑफ कनाडा के प्रतिनिधियों ने कुलपति प्रो. नइमा खातून से मुलाकात कर विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान और एलुमनी सहयोग पर चर्चा की। पूर्व छात्रों ने विदेशों में एएमयू स्नातकों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। कुलपति ने कहा कि मजबूत एलुमनी नेटवर्क विश्वविद्यालय की प्रगति में अहम भूमिका निभाता है। बैठक में अकादमिक सहयोग, छात्र अवसर और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को बढ़ाने पर सहमति बनी। यह मुलाकात एएमयू और उसके वैश्विक पूर्व छात्रों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक रही।
















