हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
‘भारत टैक्सी’ पहल और सहकारिता मॉडल पर विस्तृत चर्चा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने ‘भारत टैक्सी’ से जुड़े चालकों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। इस दौरान उन्होंने चालकों के बीच प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया और सहकारिता आधारित मॉडल की उपयोगिता को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य टैक्सी चालकों को सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
सहकारिता मॉडल का उदाहरण: अमूल
अमित शाह ने अपने संबोधन में सहकारिता मॉडल की सफलता का उदाहरण देते हुए Amul का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमूल जैसे सहकारी संगठन में लाभ सीधे दुग्ध उत्पादकों तक पहुंचता है, न कि किसी निजी कंपनी या मालिक के पास जाता है। यही मॉडल टैक्सी सेवा क्षेत्र में भी लागू किया जा सकता है, जिससे चालक ही भागीदार और लाभार्थी बनें।
चालकों की प्रमुख समस्याओं पर फोकस
संवाद के दौरान टैक्सी चालकों ने 30 प्रतिशत तक की कमीशन कटौती, नौकरी की अनिश्चितता और सुरक्षा के अभाव जैसे मुद्दे उठाए। अमित शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ पहल इन्हीं शिकायतों के समाधान के लिए शुरू की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सहकारिता मॉडल के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और आय का बड़ा हिस्सा सीधे चालकों को मिलेगा।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
उन्होंने कहा कि यदि चालक स्वयं सहकारी ढांचे में संगठित होंगे तो वे किसी निजी कंपनी पर निर्भर नहीं रहेंगे। इससे उन्हें बेहतर आमदनी, सामाजिक सुरक्षा और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
अमित शाह ने अंत में भरोसा दिलाया कि सरकार टैक्सी चालकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ‘भारत टैक्सी’ पहल उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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