अलीगढ़।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
जनपद अलीगढ़ में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम संजीव रंजन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में नई मतदाता सूची जारी करते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप निष्पक्षता, पारदर्शिता और सहभागिता के साथ संपन्न कराई गई है। इस दौरान सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी भी सौंपी गई।
कुल मतदाता संख्या में भारी गिरावट
एसआईआर से पहले अलीगढ़ जिले में कुल 27,96,379 मतदाता पंजीकृत थे, लेकिन पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर 24,10,173 रह गई है। यानी करीब 3,86,206 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस बड़े बदलाव ने जिले की सातों विधानसभा सीटों के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर दिया है।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
डीएम संजीव रंजन ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत हर चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदाता जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने कहा कि सूची का प्रकाशन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है और हर पात्र नागरिक का नाम शामिल करने का प्रयास किया गया है।
महिला मतदाताओं की संख्या में सबसे ज्यादा गिरावट
एसआईआर के बाद सबसे अधिक कमी महिला मतदाताओं में देखने को मिली है। पहले जिले में 13,09,244 महिला मतदाता थीं, जो अब घटकर 11,02,065 रह गई हैं।
सबसे ज्यादा गिरावट शहर (अलीगढ़) विधानसभा सीट पर दर्ज की गई, जहां 42,949 महिला मतदाता कम हुए। इसके बाद कोल विधानसभा सीट पर 32,713 महिला मतदाता घटे हैं।
विधानसभावार मतदाता संख्या में बदलाव
जनपद की सातों विधानसभा सीटों—खैर, बरौली, अतरौली, छर्रा, कोल, अलीगढ़ और इगलास—में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है।
विशेष रूप से कोल और शहर (अलीगढ़) सीट पर सबसे अधिक कमी दर्ज की गई है। कोल सीट पर मतदाताओं की संख्या 4,11,521 से घटकर 3,42,818 रह गई, जबकि अलीगढ़ सीट पर यह संख्या 3,97,253 से घटकर 3,10,603 हो गई।
इस प्रकार शहर सीट पर 86,650 और कोल सीट पर 68,703 मतदाता कम हुए हैं।
वीआईपी सीटों पर भी असर
एसआईआर का असर जिले की वीआईपी सीटों अतरौली और बरौली पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला है।
अतरौली सीट, जो पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पारंपरिक सीट रही है और वर्तमान में उनके नाती संदीप सिंह यहां से विधायक हैं, वहां 44,912 मतदाता कम हुए हैं।
वहीं बरौली सीट, जहां से विधायक जयवीर सिंह हैं, वहां 46,114 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।
पुरुष और थर्ड जेंडर मतदाताओं में भी बदलाव
महिला मतदाताओं के साथ-साथ पुरुष मतदाताओं की संख्या में भी गिरावट आई है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हजारों पुरुष मतदाता सूची से बाहर हुए हैं।
थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या में भी मामूली बदलाव देखने को मिला है, हालांकि यह संख्या अपेक्षाकृत कम है।
सुनवाई प्रक्रिया में मिले नए पात्र मतदाता
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि बीएलओ, एईआरओ और ईआरओ द्वारा चलाए गए सुनवाई अभियान के बाद 1,33,983 नए पात्र मतदाता चिह्नित किए गए हैं।
इन सभी को अंतिम सूची में शामिल कर लिया गया है। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन प्राप्त सभी दावे और आपत्तियों का 100 प्रतिशत निस्तारण कर दिया गया है और वर्तमान में कोई भी शिकायत लंबित नहीं है।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें भाजपा, बसपा, समाजवादी पार्टी और सीपीआईएम के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रशासन ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने और लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बदलते समीकरणों पर नजर
मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नामों के हटने से आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। खासकर शहरी और कोल विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या में भारी गिरावट चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष
अलीगढ़ में एसआईआर के बाद जारी नई मतदाता सूची ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए गंभीर है। हालांकि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने से राजनीतिक दलों के लिए नई चुनौतियां भी सामने आ गई हैं। आने वाले चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
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