हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
एटीएस की कार्रवाई से टली बड़ी घटना
उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अदालत से पांच दिन की कस्टडी रिमांड हासिल की है, ताकि गहन पूछताछ के जरिए नेटवर्क और साजिश से जुड़े अहम सुराग जुटाए जा सकें। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के पास से सात स्मार्टफोन बरामद हुए हैं, जिनमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है।

पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े थे तार
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स और कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हो सकते हैं। दुबई में मौजूद आकिब नामक व्यक्ति ने मुख्य आरोपी का संपर्क इन हैंडलर्स से कराया था।
मुख्य आरोपी नाई, सोशल मीडिया से बना आतंकी
गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ निवासी साकिब उर्फ डेविल (25) मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है, जो पेशे से नाई है। अन्य आरोपियों में अरबाब (20), विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित (19) शामिल हैं। जांच में सामने आया कि साकिब ने सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा अपनाई और गिरोह तैयार किया।
लखनऊ में विस्फोट की थी योजना
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने 2 अप्रैल को लखनऊ में विस्फोट की साजिश रची थी, लेकिन समय रहते एटीएस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक हस्तियों की रेकी करने जैसी गतिविधियों में शामिल थे।
कई शहरों में कर चुके थे रेकी
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ समेत कई शहरों में निगरानी की थी। कुछ स्थानों पर आगजनी कर उसके वीडियो भेजे गए और क्यूआर कोड के माध्यम से फंडिंग प्राप्त की गई। एटीएस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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