हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का ऐलान किया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने यह घोषणा उच्चस्तरीय बैठक के बाद की, जिसमें उम्मीदवारों के चयन और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार की रूपरेखा तय कर ली गई है और अगले महीने से जनसभाओं व यात्राओं की शुरुआत होगी, जो उनकी सीधी देखरेख में आयोजित की जाएंगी।
मायावती ने स्पष्ट किया कि इन पहलों की विशेष जिम्मेदारी राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और पार्टी की बिहार इकाई को दी गई है। राज्य को तीन क्षेत्रों में बांटकर वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी मेहनत से काम करें ताकि बिहार में बसपा को बेहतर नतीजे मिल सकें।
ध्यान देने योग्य है कि मायावती ने इसी वर्ष मार्च में अपने भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया था, लेकिन सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद अप्रैल में उन्हें वापस लिया गया और मई में पार्टी का मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक बना दिया गया। अब उन्हें बिहार चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि पोलिंग बूथ स्तर तक समितियों के गठन और संगठन को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। इसी पैटर्न पर ओडिशा और तेलंगाना में भी संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में पार्टी का जनाधार बढ़ेगा और आने वाले चुनावों में बसपा बेहतर प्रदर्शन करेगी।
कुल मिलाकर, बसपा ने साफ कर दिया है कि वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आकाश आनंद और पूरी टीम राज्य की सियासत में बसपा की कितनी पकड़ मजबूत कर पाती है