Gramin Bharat
विकल्प नहीं, अनिवार्यता : गाँव की ओर वापसी — आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत से राष्ट्र का नवनिर्माण
बुटा सिंहसहायक आचार्य,ग्रामीण विकास विभाग,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली प्रस्तावना : विकास का बदलता क्षितिज भारत, जो…
एकात्म मानव दर्शन से अंत्योदय की ओर : पंडित दीनदयाल उपाध्याय की ग्रामीण विकास दृष्टि
बुटा सिंहसहायक आचार्य,ग्रामीण विकास विभाग,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली आज, 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी…
ग्रामीण परिवार और ग्रामीण विकास – एक अंतर्संबंध
बुटा सिंहसहायक आचार्य,ग्रामीण विकास विभाग,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली ग्रामीण परिवार और ग्रामीण विकास के बीच एक…
मैं हिंदी में सोचता हूँ, इसलिए हिंदी में लिखता हूँ : अभिव्यक्ति का स्वाभाविक और सांस्कृतिक प्रवाह
बुटा सिंहसहायक आचार्य,ग्रामीण विकास विभाग,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं…

भारतीय कृषि और ग्रामीण जीवन : रूपांतरण के दौर में एक विस्तृत विश्लेषण
बुटा सिंहसहायक आचार्य,ग्रामीण विकास विभाग,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली 1. प्रस्तावना: भारत के हृदय में बसे गाँव…
चौपाल से चौखट तक: ग्रामीण भारत में सशक्तिकरण, शासन और डिजिटल क्रांति
बुटा सिंहसहायक आचार्य,ग्रामीण विकास विभाग,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली सदियों से, गाँवों की चौपाल (सामुदायिक केंद्र) ग्रामीण…



















