हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ गुरुवार 5 जून 2025
नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने पांच जून को अस्पताल स्तर पर मॉक ड्रिल कराने का फैसला लिया है ताकि कोरोना से निपटने की तैयारियों का सही आकलन किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों को संक्रमण की निगरानी और बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना के सक्रिय मामले अब 4,302 हैं, जिनमें से पिछले 24 घंटे में 864 नए मामले सामने आए हैं। ज्यादातर मरीज हल्के लक्षण वाले हैं और उनका इलाज घर पर ही किया जा रहा है। इस साल अब तक कोरोना से कुल 44 मौतें हुई हैं, जिनमें ज्यादातर मरीज पूर्व में अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे।
इस बीच, कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए दो और तीन जून को हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों में सभी प्रभावित जिलों की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अलावा, ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली की तैयारियों को परखने के लिए राज्यों में दो जून को आयोजित मॉक ड्रिल भी सफल रही।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, आइसोलेशन बेड और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके साथ ही लोगों से कोविड-संबंधित सावधानियां अपनाने की अपील भी की जाए।
भारत की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि लोगों को कोविड व्यवहार, जैसे- बार-बार हाथ धोना, खांसी-छींकों के दौरान शिष्टाचार का पालन करना, और भीड़भाड़ से बचना जारी रखना होगा। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोरोना संक्रमण की स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन सभी प्रभावित जिलों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। लोगों से अनुरोध है कि वे अफवाहों या डर फैलाने वाली खबरों पर भरोसा न करें और सावधानी बरतें।

















