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उमर खालिद–शरजील इमाम को जमानत न मिलने के बाद जेएनयू में नारेबाजी, बीजेपी नेताओं का तीखा पलटवार


कपिल मिश्रा बोले—“सांपों के फन कुचले जा रहे हैं”, विपक्ष पर राष्ट्रविरोधी मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप

नई दिल्ली।
उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे न्यायपालिका के फैसले के खिलाफ अराजकता फैलाने की कोशिश बताया है।


कपिल मिश्रा का हमला—“नापाक मंसूबे हो रहे ध्वस्त”

दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि जमानत खारिज होने के बाद नारे लगाने वाले लोग हताश हैं। उन्होंने कहा, “सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, संपोले बिलबिला रहे हैं। नक्सलियों, आतंकियों और दंगाइयों के समर्थन में नारे लगाने वाले यह समझ लें कि उनके नापाक मंसूबे एक-एक कर ध्वस्त हो रहे हैं।” मिश्रा ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।


न्यायालय के फैसले का विरोध अस्वीकार्य: सिरसा

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करना अस्वीकार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर लोग अदालती फैसलों का विरोध करने लगेंगे तो व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। सिरसा ने आरोप लगाया कि कुछ समूह देश को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।


राजनीतिक विरोध की भी हो मर्यादा: आशीष सूद

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकारी नीतियों—जैसे शिक्षा, पानी, सुरक्षा या किसानों से जुड़े मुद्दों—पर विरोध करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में मर्यादा और संवैधानिक दायरा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल गंभीर मामलों में आरोपी व्यक्तियों के समर्थन में खड़े होकर शांति भंग करने की साजिश कर रहे हैं।


भाजपा नेताओं का विपक्ष पर हमला

भाजपा विधायक करनैल सिंह ने जेएनयू में नारेबाजी को अराजकता फैलाने की कोशिश बताया और कहा कि भारत विश्व की प्रमुख शक्तियों में से एक है, जिसे ऐसे प्रयास कमजोर नहीं कर सकते। भाजपा नेता हरीश खुराना ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


गिरिराज सिंह का बयान—“देश तोड़ने वालों की कब्र खुदेगी”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जेएनयू को “देश तोड़ने वालों का अड्डा” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ऐसे तत्वों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ “कब्र खोदने” की भाषा बोल रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि देश के दुश्मनों की कब्र पहले भी खोदी गई है और आगे भी खोदी जाएगी।


छात्रसंघ का पक्ष और पुलिस का बयान

जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल पांच जनवरी 2020 की हिंसा के विरोध में छात्र प्रदर्शन करते हैं और लगाए गए नारे वैचारिक थे, किसी व्यक्ति के खिलाफ लक्षित नहीं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

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