नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तय समय-सीमा अब समाप्त हो चुकी है। आकलन वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए 31 दिसंबर 2025 तक आईटीआर भरने का अंतिम मौका था। इसके बावजूद करीब 70 लाख करदाता ऐसे हैं जिन्होंने अब तक अपना ITR फाइल नहीं किया है। ऐसे लोगों के सामने अब सीमित और महंगा विकल्प ही बचा है, जिसे अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) कहा जाता है।
बिलेटेड रिटर्न का विकल्प भी खत्म
आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत बिलेटेड रिटर्न फाइल करने की सुविधा 31 दिसंबर 2025 तक ही उपलब्ध थी। इस अवधि में आईटीआर फाइल करने पर करदाताओं को ₹1,000 से ₹5,000 तक लेट फीस देनी पड़ती थी। जिनकी कुल आय 5 लाख रुपये से कम थी, उनके लिए लेट फीस ₹1,000 तय थी। इसके साथ ही बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना होता था। अब यह विकल्प पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
अब बचा है सिर्फ अपडेटेड रिटर्न (ITR-U)
जो करदाता अब तक आईटीआर फाइल नहीं कर पाए हैं, उनके लिए अब अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) का विकल्प मौजूद है। आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के तहत असेसमेंट ईयर खत्म होने के 48 महीने (4 साल) के भीतर अपडेटेड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। हालांकि यह सुविधा सिर्फ उन्हीं करदाताओं के लिए है, जो अपनी आय सही तरीके से घोषित करना चाहते हैं और टैक्स चोरी के मामले में जांच के दायरे में नहीं हैं।
ITR-U फाइल करना पड़ेगा महंगा
अपडेटेड रिटर्न फाइल करने पर करदाताओं को अतिरिक्त टैक्स (पेनल्टी) देना पड़ता है। नियमों के अनुसार—
- पहले साल में: 25% अतिरिक्त टैक्स
- दूसरे साल में: 50% अतिरिक्त टैक्स
- तीसरे साल में: 60% अतिरिक्त टैक्स
- चौथे साल में: 70% अतिरिक्त टैक्स
यह अतिरिक्त टैक्स बकाया टैक्स और ब्याज के ऊपर देना होता है।
क्या करें करदाता
विशेषज्ञों की सलाह है कि जिन लोगों ने अब तक ITR फाइल नहीं किया है, वे देरी न करें और जल्द से जल्द अपडेटेड रिटर्न का विकल्प चुनें। इससे भविष्य में नोटिस, जुर्माना और कानूनी परेशानी से बचा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए करदाता इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।













