हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 1 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी (सीएएस), इतिहास विभाग द्वारा नए स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के स्वागत हेतु ‘दीक्षारंभः छात्र परिचय कार्यक्रम 2025-26’ का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि एएमयू के रजिस्ट्रार मोहम्मद इमरान (आईपीएस) ने मध्यकालीन इतिहास के क्षेत्र में विभाग की उत्कृष्ट पहचान की सराहना की। उन्होंने छात्रों से इतिहास का गहन अध्ययन करने, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहने और डिजिटल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करते हुए अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत लक्ष्यों पर केंद्रित रहने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष एवं सीएएस समन्वयक प्रो. हसन इमाम ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विभाग की गौरवपूर्ण परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने महिला शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए विश्वविद्यालय के प्रगतिशील मूल्यों को रेखांकित किया।
प्रो. इशरत आलम ने सर सैयद अहमद खां की इतिहास के प्रति गहरी रुचि का उल्लेख किया और एएमयू में उपलब्ध उत्कृष्ट सुविधाओं और सहयोगी वातावरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे ईमानदारी और समर्पण के साथ पढ़ाई करें और एएमयू को “घर से दूर घर” मानें।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अनीसा इक़बाल साबिर ने जेंडर सेंसिटाइजेशन समिति और एंटी-रैगिंग समिति की भूमिका पर विस्तार से बात की। उन्होंने छात्रों को लैंगिक असमानता और रैगिंग के खतरों से सचेत किया। साथ ही, सुल्तानिया हिस्टॉरिकल सोसायटी और एएमयू अंडरग्रेजुएट हिस्ट्री क्लब, तारीख़ याफ़्ता की वर्ष 2024-25 की गतिविधियों का उल्लेख किया और विभागीय शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम जीवन में उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम की विशेष झलक विभाग की वार्षिक पत्रिका “बुलेटिन ऑफ सुल्तानिया हिस्टॉरिकल सोसायटी” का विमोचन था, जिसे मुख्य अतिथि श्री मोहम्मद इमरान, विभागाध्यक्ष एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने जारी किया।
छात्रा आमना आसिम ख़ान और छात्र फ़ैज़ल शाह ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा डॉ. गुलरुख ख़ान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।















