हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
प्रयागराज दौरे से जुड़ा आदेश वायरल
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए कराए गए विशेष इंतजामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब प्रयागराज दौरे से जुड़ा एक आधिकारिक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस आदेश में अधिकारी की निजी सुविधाओं से जुड़ी लंबी सूची शामिल थी, जिसे लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, BSNL के डायरेक्टर (CFA) Vivek Banzal 25 और 26 फरवरी को प्रयागराज दौरे पर जाने वाले थे। इस दौरे के लिए जारी आदेश में करीब 50 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। आदेश में यात्रा, बैठक और आवास की व्यवस्थाओं के अलावा ऐसी निजी वस्तुओं का भी जिक्र था, जिन्हें आमतौर पर सरकारी दौरे का हिस्सा नहीं माना जाता।
सूची में स्नान के बाद इस्तेमाल होने वाला तौलिया, अंडरगारमेंट, चप्पल, हेयर ऑयल, कंघी और शीशा तक शामिल थे। इसके अलावा होटल या सर्किट हाउस में फल, ड्राई फ्रूट, शेविंग किट, साबुन, शैम्पू और टूथब्रश जैसी निजी उपयोग की चीजें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
मंत्री का सख्त रुख
मामला सामने आने के बाद केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस तरह के VIP इंतजामों को सरकारी नियमों और कार्यसंस्कृति के खिलाफ बताया। सिंधिया ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सरकारी पद का अर्थ निजी सुविधाओं का दुरुपयोग नहीं है।
BSNL की सफाई और जांच
BSNL की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया है कि कंपनी किसी भी नियमविरुद्ध व्यवहार का समर्थन नहीं करती। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी संस्थानों में कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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