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डीएम की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न: नहीं चलेगी प्राइवेट विद्यालयों की मनमानी

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 2 मई : 2025,

अलीगढ़, 02 मई 2025:
जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलैक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाना था, जिसमें विभिन्न विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी शुल्क वृद्धि पर नियंत्रण एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

शुल्क वृद्धि में पारदर्शिता अनिवार्य

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय मनमाने ढंग से शुल्क वृद्धि नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। इसके अंतर्गत विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी शुल्क संरचना, शुल्क निर्धारण समिति की बैठक का विवरण और अनुमोदन पत्र अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय द्वारा शुल्क संबंधी शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीआईओएस ने दिए स्पष्ट निर्देश

जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) सर्वदानन्द ने बताया कि शुल्क में किसी भी प्रकार की वृद्धि या कटौती कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर समिति की अनुमति से ही संभव है। अभी तक किसी भी विद्यालय ने शुल्क वृद्धि की सूचना नहीं दी है और न ही अपनी वेबसाइट पर कोई अद्यतन शुल्क संरचना अपलोड की है।

डीआईओएस ने कहा कि विद्यालयों को अपनी वेबसाइट अनिवार्य रूप से बनानी होगी ताकि सूचना सार्वजनिक हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल यूनिफॉर्म हर वर्ष नहीं बदली जा सकती, यह केवल पांच वर्ष में एक बार, समिति की अनुमति से ही संभव होगा।

किताबों, यूनिफॉर्म और बैग की खरीद में नहीं चलेगा दबाव

डीआईओएस ने बताया कि कई विद्यालयों द्वारा छात्रों और अभिभावकों पर निश्चित दुकान से किताबें, ड्रेस और बैग खरीदने का दबाव डाला जा रहा है, जिसकी लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी विद्यार्थी को निश्चित दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा

स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

स्कूली वाहनों के संदर्भ में भी कड़े निर्देश दिए गए। वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र, स्कूल प्रांगण में पार्किंग की व्यवस्था, पुलिस सत्यापन, और शिक्षक की उपस्थिति अनिवार्य की गई है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

शासन की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

बैठक के अंत में जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के आर्थिक दबाव के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। इसके लिए सभी विद्यालयों को शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करना होगा।

बैठक में रहे ये उपस्थित

बैठक में समिति के नामित सदस्य, अभिभावक प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित व्यक्ति उपस्थित रहे।

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