हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 19 सितम्बर। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, इतिहासकार और स्तंभकार डॉ. मोहम्मद शाहिद सिद्दीकी अलीग की पुस्तक “ब्रिटिश बहिख्वाहों के करतूतः मोर्चा यूपी 1857 के परिप्रेक्ष्य में” का विमोचन प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफ़ान हबीब ने किया। यह पुस्तक 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की भूमिका और ब्रिटिश समर्थकों के करतूतों को विस्तार से प्रस्तुत करती है।
पुस्तक में मेरठ, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, मैनपुरी, एटा, फर्रुखाबाद, बरेली, शाहजहाँपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, बदायूँ, इलाहाबाद, फतेहपुर, कानपुर, लखनऊ, बनारस सहित 32 स्थानों की घटनाओं का उल्लेख है। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के साहसिक कारनामों के साथ ही अंग्रेज़ों के बहिख्वाहों को मिली जागीरों, उपाधियों और अनुदानों का भी दस्तावेज़ी विवरण प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक की प्रस्तावना राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के वरिष्ठ उपनिदेशक सैयद फ़रीद अहमद ने लिखी है। वहीं एएमयू की पूर्व प्रोफेसर शीरीं मूसवी और हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रो. सज्जाद शाहिद की टिप्पणियों ने इसकी ऐतिहासिक महत्ता को और समृद्ध किया है।
विमोचन अवसर पर डॉ. सैयद शम्सुल हसन, सैयद जाफ़र हुसैन, डॉ. नईम सिद्दीकी अमरोही, डॉ. खालिद ज़हीर, डॉ. कंवर मोहम्मद आरिफ़ ख़ान, मोहम्मद एहतेशाम, डॉ. इक़बाल अहमद सहित कई विद्वान मौजूद रहे। लेखक ने डॉ. हनीफ़ अहमद ख़ान व अन्य सहयोगियों संग पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को भी पुस्तक की प्रति भेंट की। अंसारी ने इसे ऐतिहासिक महत्व की दस्तावेज़ी कृति बताते हुए डॉ. सिद्दीकी को बधाई दी।
















