• Home
  • अलीगढ
  • एएमयू में हाई एनर्जी फिजिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन
Image

एएमयू में हाई एनर्जी फिजिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन

अलीगढ़, 11 अक्टूबर: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के भौतिकी विभाग में अत्याधुनिक हाई एनर्जी फिजिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया। यह प्रयोगशाला विभाग के बेसमेंट परिसर में स्थापित की गई और इसे प्रो. सरताज तबस्सुम, डीन, विज्ञान संकाय द्वारा औपचारिक रूप से उद्घाटित किया गया।

प्रयोगशाला के अध्यक्ष प्रो. अनिसुल ऐन उस्मानी के अनुसार, यह सुविधा छात्रों को वैश्विक हाई-एनर्जी फिजिक्स अनुसंधान में प्रयुक्त प्रयोगात्मक और कंप्यूटेशनल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसमें उच्च-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोप, कण ट्रैक रिकॉर्डिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोस्कोपी और कंप्यूटर-सहायता वाले विश्लेषण उपकरण शामिल हैं। छात्रों को सिमुलेशन आधारित प्रयोग और कण पहचान विधियों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

विश्वविद्यालय ने इस परियोजना के लिए 5 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है। म्यूऑन जीवनकाल मापन प्रयोगों के लिए उपकरणों की खरीद प्रारंभ हो चुकी है, और अतिरिक्त डिटेक्टर एवं सिमुलेशन सेटअप भी स्थापित किए गए हैं। प्रयोगशाला में विशेष रूप से बबल चेंबर डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे छात्र ऐतिहासिक कण टकराव घटनाओं का अध्ययन कर सकें।

इस पहल से एएमयू के हाई एनर्जी फिजिक्स अनुसंधान समूह को मजबूती मिलेगी, जिसमें डॉ. नजीर अहमद और डॉ. दानिश आजमी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। यह समूह सर्न की एलाइस सहयोगिता में भी विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान मानकों के अनुभव का अवसर मिलेगा।

प्रयोगशाला परिसर में अन्य विशेष सुविधाएँ भी हैं जैसे न्यूक्लियर फिजिक्स लैब, रेसिस्टिव प्लेट चेंबर लैब, स्पेक्ट्रोस्कोपी लैब और हेरिटेज साइंस म्यूजियम। प्रो. बी. पी. सिंह और डॉ. अनुज चंद्रा ने टीम की समर्पित भावना और उपकरण व्यवस्था की सराहना की।

प्रयोगशाला का उद्देश्य छात्रों को पार्टिकल डिटेक्शन, सिमुलेशन अध्ययन, म्यूऑन जीवनकाल मापन और बबल चेंबर डेटा विश्लेषण में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करना है, जो उन्हें हाई एनर्जी फिजिक्स और संबंधित अनुसंधान क्षेत्रों में करियर के लिए तैयार करेगा।

यह प्रयोगशाला एएमयू की वैज्ञानिक यात्रा में एक नया अध्याय है, जो सैद्धांतिक ज्ञान और प्रयोगात्मक अभ्यास को जोड़कर विश्वविद्यालय के वैश्विक भौतिकी अनुसंधान प्रभाव को मजबूत करती है।

Releated Posts

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी बंद, हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं; दो मरीजों की मौत

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और स्टाफ की हड़ताल…

ByByHindustan Mirror News Mar 24, 2026

भाजपा ने मनोनीत सभासदों का किया भव्य सम्मान, संगठन मजबूती पर दिया जोर

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: भारतीय जनता पार्टी द्वारा नगर पालिका एवं नगर परिषद के मनोनीत पार्षदों/सभासदों के सम्मान में…

ByByHindustan Mirror News Mar 22, 2026

रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में सत्र 2025–26 का समापन समारोह संपन्न

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में उत्साहपूर्ण आयोजन20 मार्च 2026 को रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में…

ByByHindustan Mirror News Mar 22, 2026

संकल्प से सिद्धि तक: 9 वर्षों में बदला उत्तर प्रदेश, सुशासन और विकास का बना नया मॉडल

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: अलीगढ़, 21 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर…

ByByHindustan Mirror News Mar 21, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top