हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग
Artemis II मिशन ने आधुनिक अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। NASA के इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास जाकर सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने सुबह 5:37 बजे Pacific Ocean में San Diego तट के पास सफल स्प्लैशडाउन किया। पैराशूट की मदद से कैप्सूल धीरे-धीरे समुद्र में उतरा, जहां रिकवरी टीम पहले से तैनात थी।

चार अंतरिक्ष यात्रियों ने रचा इतिहास
इस ऐतिहासिक मिशन का नेतृत्व Reid Wiseman ने किया, जबकि पायलट Victor Glover और मिशन विशेषज्ञ Christina Koch के साथ कनाडा के Jeremy Hansen भी दल में शामिल थे। यह अपोलो युग के बाद पहली बार था जब इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचे।

री-एंट्री के दौरान 6 मिनट का ब्लैकआउट
पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान लगभग 6 मिनट का कम्युनिकेशन ब्लैकआउट हुआ, जिससे मिशन कंट्रोल में तनाव बढ़ गया। इस दौरान कैप्सूल की हीट शील्ड पर सभी की निगाहें टिकी थीं, जो हजारों डिग्री तापमान झेलने में सफल रही। अंतरिक्ष यान ने मैक 33 (ध्वनि की गति से 33 गुना) की रफ्तार से प्रवेश किया, जो बेहद चुनौतीपूर्ण चरण माना जाता है।

रिकवरी के लिए अमेरिकी नौसेना तैयार
अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए USS John P. Murtha (LPD 26) युद्धपोत को प्रशांत महासागर में तैनात किया गया था। यह जहाज United States Navy के थर्ड फ्लीट का हिस्सा है और रिकवरी ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाता है।
रिकॉर्ड दूरी और ऐतिहासिक उपलब्धि
आर्टेमिस II ने Apollo 13 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए पृथ्वी से मानव द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी का नया कीर्तिमान बनाया। चालक दल 252,756 मील (406,771 किमी) दूर तक पहुंचा। हालांकि यह मिशन चंद्रमा पर नहीं उतरा, लेकिन चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से के अभूतपूर्व दृश्य और पूर्ण सूर्य ग्रहण का भी अवलोकन किया गया।
भविष्य के चंद्र अभियानों की नींव
1 अप्रैल को Florida से लॉन्च हुए इस मिशन को चंद्रमा पर स्थायी बेस स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह मिशन न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि भविष्य के मानव मिशनों के लिए नई संभावनाएं भी खोल गया।
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