हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 18 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज की एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। यह परियोजना स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के कार्यक्रम के तहत स्वीकृत की गई है।
यह शोध पीरियोडॉन्शिया और कम्युनिटी डेंटिस्ट्री विभाग की जूनियर रेसिडेंट (एमडीएस) डॉ. हृदया जे द्वारा किया जा रहा है, जिनका मार्गदर्शन विभाग की अध्यक्ष प्रो. नेहा अग्रवाल कर रही हैं। परियोजना का उद्देश्य तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों में ओरल कैंसर की प्रारंभिक पहचान के लिए नवीन आणविक (मॉलेक्यूलर) तकनीकों का विकास करना है। यह पहल मौखिक स्वास्थ्य, कैंसर की रोकथाम और निदान रणनीतियों को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
शोध टीम में सह-मार्गदर्शक के रूप में डॉ. प्रमोद कुमार यादव, डॉ. सफिया हबीब (बायोकेमिस्ट्री विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज), डॉ. जूही गुप्ता, और डॉ. सैयद अमान अली शामिल हैं।
प्रो. आर. के. तिवारी, प्रिंसिपल, डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज, ने प्रो. अग्रवाल और डॉ. हृदया जे को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल एएमयू की शोध क्षमताओं को सशक्त बनाएगी बल्कि कैंसर रोकथाम और प्रारंभिक पहचान में देश के प्रयासों को भी नई दिशा देगी।
यह परियोजना एएमयू की चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान में निरंतर प्रगति की एक और मिसाल है।
















